फास्ट ट्रैक कोर्ट

Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

Muzaffarnagar शाहपुर के तेजवीर सैनी हत्याकांड में बड़ा फैसला, सगे भाई सुखपाल को उम्रकैद; अदालत ने कहा- ‘राम जैसे भाई की हत्या जघन्य अपराध’

Muzaffarnagar शाहपुर के तेजवीर सैनी हत्याकांड में अदालत ने मृतक के सगे भाई सुखपाल को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 22 अप्रैल 2023 का है, जब खेत से गन्ने की ट्रॉली निकालने को लेकर विवाद हुआ था। अभियोजन के अनुसार विरोध के बाद तेजवीर के साथ मारपीट की गई और सुखपाल ने उनके ऊपर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। 12 अगस्त को दोषी ठहराए जाने के बाद मंगलवार को सजा सुनाई गई। अदालत ने भाई की हत्या को लेकर इसे जघन्य अपराध बताते हुए गंभीर टिप्पणी भी की। आगे की विधिक प्रक्रिया कानून के अनुसार जारी रहेगी।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

27 साल पुराने अपहरण-हत्या केस में बड़ा फैसला! Muzaffarnagar कोर्ट ने शाहनवाज को सुनाई फांसी की सजा, 48 दिन तक बंधक रहा था कारोबारी

Muzaffarnagar के 27 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-3 का फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव है। अदालत ने आरोपी शाहनवाज को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। मामला 9 दिसंबर 1999 को शुरू हुआ था, जब तमंचों के बल पर हारुन और मुकर्रम का अपहरण किए जाने का आरोप लगा था। मुकर्रम बाद में लौट आया, जबकि हारुन करीब 48 दिन तक बंधक रहा और उसके बदले पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। 19 जनवरी 2000 को फिरौती की व्यवस्था के सिलसिले में गए हारुन के पिता सालिम को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया और 25 जनवरी को उनकी हत्या कर दी गई। करीब तीन दशक बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की भावना जरूर पैदा हुई है, हालांकि मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील के कानूनी रास्ते अभी महत्वपूर्ण रहेंगे।

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उत्तर प्रदेश

Ghaziabad में 7 साल की मासूम से हैवानियत के बाद कत्ल: सिर पर लोहे का पाइप मारकर लिफ्ट शाफ्ट में फेंका शव, आरोपी आधार कार्ड दिखाकर करता रहा गुमराह

Ghaziabad राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल में सात वर्षीय बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सामने आए नए तथ्यों ने हर किसी को झकझोर दिया है। पुलिस ने लोहे के पाइप, खून से सने कपड़े, बच्ची की चप्पल, टूटे बाल, सीसीटीवी फुटेज और डीएनए नमूनों समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपी विनय द्वारा उम्र को लेकर आधार कार्ड के माध्यम से कथित तौर पर गुमराह करने से लेकर बच्ची को लिफ्ट शाफ्ट में फेंके जाने तक के आरोपों की जांच जारी है। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, जल्द दाखिल होने वाली चार्जशीट और प्रस्तावित फास्ट ट्रैक सुनवाई पर निगाहें टिकी हैं, ताकि इस भयावह मामले में साक्ष्यों और कानून के आधार पर जिम्मेदारी तय हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

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