फायर एनओसी

संपादकीय विशेष

जानसठ में आग से पहले जागेगा Muzaffarnagar प्रशासन या हादसे के बाद? रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील किताबों के गोदाम बने बड़ा खतरा

Muzaffarnagar कहीं ऐसा न हो कि आज जिन गलियों में लोग यह कह रहे हैं कि “यहां कुछ नहीं होगा”, वहीं कल कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद वही लोग पूछते नजर आएं—”निरीक्षण पहले क्यों नहीं हुआ?” प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता किसी हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समय रहते संभावित खतरे को पहचानकर उसे टाल देना है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जानसठ में भी सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

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