बसपा (BSP) की हालत बेहद खराब: CM योगी से मिलने पहुंचे महासचिव Satish Chandra Mishra, एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह
बसपा (BSP) महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) की CM Yogi Adityanath से मुलाकात हुई है. उनके साथ यूपी चुनाव में पार्टी के एकमात्र जीते विधायक उमाशंकर सिंह भी मौजूद थे. उमाशंकर सिंह बलिया के रसड़ा सीट से बीएसपी विधायक हैं. सीएम योगी से बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा और विधायक दल के नेता उमा शंकर सिंह 5 कालीदास आवास पर मिलने पहुंचे.
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र और विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह के भाजपा (BJP) में जाने की ख़बरें बीते कई दिनों से मीडिया जगत में तैर रही हैं। आज उन अटकलों को उस समय और बल मिला जब इन दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।
वैसे तो इन दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी को बसपा काल में बने स्मारकों के रखरखाव में भारी हीलाहवाली की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी। लेकिन अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि ये दोनों नेता जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। जानकारी के अनुसार बसपा नेताओं से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं को यह आश्वासन दिया की इस मामले पर उचित कार्रवाई की जायेगी।
इसके अतिरिक्त फिल्म अभिनेता और टीवी कलाकार शेखर सुमन भी आज सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके आवास पहुंचे। जहां पर उन्होंने योगी आदित्यनाथ से काफी देर तक बातचीत की।
जानकारी के अनुसार अभिनेता शेखर सुमन की मुलाकात नोएडा में बन रही फिल्म सिटी को लेकर हुई है। साथ ही वह यूपी में एक फिल्म बनाना चाह रहे है। उसी को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
सतीश चंद्र मिश्रा का राज्य सभा का कार्यकाल इसी महीने की 2 तारीख को समाप्त हो गया तो वहीँ उमा शंकर सिंह प्रदेश में बसपा के इकलौते विधायक हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कई बसपा नेताओं को पार्टी से बाहर किया जा चुका है जबकि कई अन्य ने दल से ही किनारा कर लिया है
बसपा (BSP) की हालत बेहद खराब रही है और उसे मात्र एक सीट ही हासिल हो सकी है। उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 में बसपा ने बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट ही जीती। जिसके बाद उमाशंकर सिंह को बसपा विधानमंडल दल का नेता भी बनाया गया। वे लगातार दो बार, 2012, 2017 में इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं।
बसपा (BSP) की हालत दिन पर दिन कमजोर होती जा रही है। पार्टी ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 19 सीट जीती थीं और 21 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करने में सफल रही थी. लेकिन इस बार बसपा 12.79 फीसदी मतों के 20200 में वह मात्र एक सीट ही हासिल कर सकी। उत्तर प्रदेश में जब बसपा ने अपने दम पर वर्ष 2007 में जब उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई थी तो उसे 206 सीट और 30.43 प्रतिशत मत हासिल हुए थे।
बसपा (BSP) के दो प्रमुख नेताओं ने सीएम योगी से मिलकर एक पत्र भी सौंपा है. बताया जा रहा है कि, इस पत्र में यह मांग की गई है कि, बसपा शासनकाल में प्रदेश की राजधानी समेत अन्य जिलों में बनाए गए स्मारकों की देखरेख और पार्कों में बदहाल स्थिति के सम्बंध में चर्चा की गई.
बसपा (BSP) मायावती ने कहा कि, बीते दस साल से बसपा शासन काल में बनाए गए पार्कों-स्मारकों की देखभाल नहीं होने की वजह से बदहाल व्यवस्था हो गई है. इस पर तत्काल यूपी सरकार को ध्यान देना चाहिए. वहीं बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि बसपा शासन काल में बने स्मारकों के रखरखाव में भारी हीलाहवाली की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट सीएम योगी को दी है.
उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. स्मारकों की देखरेख में गड़बड़ी से संबंधित रिपोर्ट के जरिए बसपा के दोनों नेताओं ने सीएम से इस दिशा में कार्रवाई की मांग की है.
प्रदेश में बसपा शासनकाल के दौरान कई स्मारकों का निर्माण कराया गया था. वर्ष 2007 से 2012 के बीच कराए गए इन निर्माणों पर पिछले 10 साल में अधिक ध्यान नहीं दिया गया. इस संबंध में बसपा की ओर से एक सर्वे कराया गया, इसमें पाया गया कि स्मारकों की देखरेख में हीलाहवाली चल रही है. अधिकारियों के स्तर पर भी इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हो रही है. बसपा महासचिव और विधायक ने इस मामले में विशेष रूप से सीएम योगी आदित्यनाथ से कार्रवाई की मांग की, ताकि स्मारकों को सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके.

