Ukraine: Russian Army ने Melitopol के मेयर को किया नजरबंद, अब तक 25 लाख लोग पलायन के लिए हुए मजबूर
Ukraine के राष्ट्रपति volodymyr zelensky ने शुक्रवार को फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि दक्षिणपूर्वी यूक्रेन के मेलिटोपोल शहर के मेयर को हिरासत में लेना “लोकतंत्र के खिलाफ अपराध” है. दरअसल बीते शुक्रवार को, मेलिटोपोल के मेयर इवान फेडोरोव को वीडियो में हथियारबंद लोगों द्वारा शहर की एक सरकारी इमारत से दूर ले जाते हुए देखा गया था.
थोड़े समय बाद, रूसी समर्थित लुहान्स्क क्षेत्रीय प्रॉसक्यूटर ने दावा किया कि फेडोरोव ने आतंकवाद से जुड़े कुछ अपराध किए थे और जांच के अधीन थे. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि ज़ेलेंस्की ने कहा, फेडोरोव की नजरबंदी “आक्रमणकारियों की कमजोरी का संकेत” है.
Провів предметну розмову з @POTUS. Поінформував його про свою оцінку ситуації на полі бою, про злочини РФ проти мирного населення. Узгодили подальші кроки щодо оборонної підтримки України та посилення санкційного тиску на Росію.
— Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) March 11, 2022
उन्होंने कहा कि रूस को भरोसा था कि युद्ध में यूक्रेन उनका साथ देगा लेकिन उन्हें हमारी जमीन पर कोई समर्थन नहीं मिल रहा है. रूस काफी सालों से खुद से झूठ बोल रहा था कि यूक्रेन में लोग रूस के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे. ज़ेलेंस्की ने कहा कि मेयर की नज़रबंदी “न केवल एक विशेष व्यक्ति के, न विशेष समुदाय के खिलाफ और न केवल यूक्रेन के खिलाफ बल्कि यह लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है. “
युद्ध अपराध
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने फेडोरोव की हिरासत को “युद्ध अपराध” कहा है. उन्होंने कहा कि यह जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है जिसके तहत रूस किसी भी आम नागरिक को बंधक बनाकर नहीं रख सकतें.
Ukraine के बीच भीषण जंग जारी है. शनिवार को युद्ध के 17वें दिन भी रूसी सैनिक यूक्रेन के अलग-अलग शहरों को निशाना बना रहे हैं. रूस की सेना तेजी से देश की राजधानी कीव की तरफ बढ़ रही है. स्कूल और अस्पतालों को निशाना बनाया जा रहा है. मारियुपोल में रूसी सैनिकों की ओर से किए गए अस्पताल पर हमले में तीन लोगों की जान चली गई है.
कई शहरों में लोग बमबारी के बाद मलबे में दब गए हैं. इस बीच यूक्रेन में रह रहे लोगों में डर और भय का माहौल बना हुआ है. जंग के बीच भारी संख्या में लोग वहां से पलायन कर रहे हैं. Ukraine के पड़ोसी देशों में पहुंचकर लोग अपने रहने का ठिकाना तलाश रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि अब तक यूक्रेन से करीब 25 लाख लोग पलायन कर चुके हैं.
पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, 24 फरवरी को रूस की ओर से पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के बाद से कम से कम 2.5 मिलियन यूक्रेनियन देश छोड़कर भाग गए. यूएन शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक ये आंकड़ा काफी बढ़ सकता है. अनुमानित तौर पर 40 लाख लोग Ukraine छोड़कर दूसरे देशों की शरण में जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं.
संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि यूक्रेन के भीतर कम से कम 1.85 मिलियन लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं. यूक्रेन से लोग पड़ोसी देशों में शरण तलाश रहे हैं. पोलैंड, हंगरी, रोमानिया समेत कई और देशों में लोग पलायन को मजबूर हैं.
15 लाख शरणार्थी
यूएन रिफ्यूजी एजेंसी के अनुसार, पोलैंड ने यूक्रेनी शरणार्थियों का समर्थन किया है. यहां करीब 15 लाख शरणार्थी पहुंचे हैं. सरकार ने स्वागत केंद्रों की स्थापना की है. इसके अलावा कई धर्मार्थ संगठन बड़े पैमाने पर सहायता के प्रयास में जुटे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक हंगरी में करीब सवा दो लाख शरणार्थी हैं. जो यूक्रेन से पलायन को मजबूर हुए कुल लोगों का करीब 9 फीसदी है. वहीं यूक्रेन के करीब 84 हजार शरणार्थी अब रोमानिया में हैं. फिलहाल रूसी सैनिक लगातार Ukraine के अलग-अलग शहरों को निशाना बना रहे हैं. लोगों का दूसरे देशों में पलायन करना जारी है.

