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परम्परागत कामगारों को मिलेगा भरण-पोषण भत्ता,सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास शुरू: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आंशिक कर्फ्यू (Curfew) बढ़ाये जाने के बावजूद अन्य गतिविधियों के अलावा जरूरतमंदों के लिए कम्युनिटी किचन (Community Kitchen) के माध्यम से भोजन की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को पहले की तरह किया जाएगा। जबकि इस दौरान बेसिक शिक्षा को छोड़कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का शुरू की जाएंगी।

इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई की सुबह 7 बजे तक बढ़ने का निर्णय लिया गया। आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। जिसे देखते हुए इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में आज शाम वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न मंत्रिमण्डल की बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 (Covid-19) की नि:शुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा, निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन (Vaccination) कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।

इसके अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का नि:शुल्क टीकाकरण (Free Vaccination) कराया जा रहा है।

CM योगी ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 3 माह के लिए प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं तथा 2 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार, प्रति यूनिट 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी।

योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए। आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को पहले की तरह किया जाए। बेसिक शिक्षा को छोड़कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का शुरू जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2 योजनाएं चल जा रही हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।

 

News Desk

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