पाकिस्तान यात्रा के बाद पंजाब में गिरफ्तार हुए ट्रैवल यूट्यूबर Amrik Singh, ISI के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ने का शक
पंजाब के जालंधर के लोकप्रिय ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर Amrik Singh को पाकिस्तान यात्रा के आठ महीने बाद पंजाब पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने हिरासत में लिया है। उनकी पत्नी मनप्रीत कौर के साथ दिसंबर 2024 में हुई पाकिस्तान यात्रा के दौरान अमरीक के संभावित संदिग्ध संपर्कों के चलते यह कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, अमरीक सिंह पर यह शक है कि उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कुछ ऐसे लोगों से संपर्क किया, जिनका संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से हो सकता है।
यूट्यूबर की पाकिस्तान यात्रा और ISI एजेंट नासिर ढिल्लों से मुलाकात
दिसंबर 2024 में अमरीक सिंह और उनकी पत्नी धार्मिक पर्यटन के तहत पाकिस्तान गए थे। उन्होंने करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब और लाहौर के ऐतिहासिक स्थलों पर वीडियो शूट किए। अमरीक के यूट्यूब चैनल पर इन वीडियो को लाखों व्यूज मिले।
हालांकि, एजेंसियों को संदेह है कि इस दौरान उनका संपर्क ISI एजेंट नासिर ढिल्लों से हुआ। अटारी बॉर्डर पर नासिर ढिल्लों ने ही अमरीक का स्वागत किया था। IB सूत्रों के अनुसार, यहीं से शुरू हुई अमरीक की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी।
डिजिटल उपकरण और ईमेल जांच में जुटी एजेंसियां
IB और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम अमरीक के डिजिटल उपकरणों, ईमेल, चैट और बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। यह देखना मुख्य उद्देश्य है कि क्या उनके वीडियो और कंटेंट केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित थे, या फिर उनमें संवेदनशील जानकारी और लोकेशन साझा की गई थीं।
अमरीक के घर से उनके डिजिटल उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं, जिनमें उनके यूट्यूब कंटेंट से जुड़े सभी डेटा मौजूद थे।
हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामलों का पैटर्न
इस मामले को हरियाणा की ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा के पाकिस्तान जासूसी केस से जोड़ा जा रहा है। मई 2025 में ज्योति को IB और दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
ज्योति का नेटवर्क पंजाब के यूट्यूबर जसबीर सिंह तक फैला हुआ था। जसबीर ने जांच में कबूल किया था कि उसने तीन बार पाकिस्तान जाकर ISI अधिकारियों से मुलाकात की थी।
सूत्रों के अनुसार, अमरीक सिंह, ज्योति मल्होत्रा और जसबीर सिंह के मामलों में एक समान पैटर्न दिखाई दे रहा है। सभी ने धार्मिक पर्यटन और सीमापार यात्राओं को अपने कंटेंट का हिस्सा बनाया और इसी दौरान संदिग्ध संपर्क में आए।
सोशल मीडिया और जासूसी नेटवर्क: ISI की रणनीति
सूत्र बताते हैं कि ISI ने हाल के वर्षों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर्स को टारगेट करना शुरू किया है। इसका मकसद भारत में नरेटिव वॉरफेयर, संवेदनशील सूचनाओं का संकलन और जनमत को प्रभावित करना है।
अमरीक सिंह के केस में यही रणनीति दिखाई दे रही है। उनके सोशल मीडिया कंटेंट और पाकिस्तान यात्रा के दौरान संपर्क किए गए लोग एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
IB और पंजाब पुलिस की पूछताछ जारी
अमरीक सिंह को जालंधर के लोहियां खास थाने में हिरासत में लिया गया। उनकी पत्नी मनप्रीत कौर से भी IB टीम ने पूछताछ की, जिसमें अमरीक के यूट्यूब चैनल और दिसंबर 2024 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान उनके गतिविधियों पर सवाल-जवाब हुए।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अमरीक का केस केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच संपूर्ण समन्वय के साथ आगे बढ़ेगा। अगर पाकिस्तान जासूसी नेटवर्क से सीधे लिंक साबित होता है, तो उनके खिलाफ UAPA समेत अन्य सख्त धाराओं में केस दर्ज किया जा सकता है।
धार्मिक पर्यटन और सोशल मीडिया का नया मोड़
यूट्यूबर अमरीक सिंह का मामला यह दिखाता है कि कैसे धार्मिक और ट्रैवल कंटेंट सोशल मीडिया पर न केवल दर्शकों को जोड़ता है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में भी आता है। भारत और पाकिस्तान के बीच संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करने वाले इन्फ्लुएंसर्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
<p style=”background-color:#f5f5f5; color:#1a1a1a; padding:15px; border-radius:10px;”>पंजाब में अमरीक सिंह की गिरफ्तारी ने सोशल मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बढ़ती सावधानी को सामने रखा है। आने वाले समय में उनके डिजिटल डिवाइस और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच जारी रहेगी। इस केस का परिणाम न केवल यूट्यूबर समुदाय बल्कि भारत-पाक सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>

