उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधायक 2021 की प्रतियां फूँककर अपना विरोध जताया
माध्यमिक व बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 की प्रतियां फूँककर अपना विरोध जताया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा यह शिक्षक विरोधी निर्णय लिया गया है।
विधेयक के जरिए सरकार ने शिक्षकों को न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय जाने के अधिकार से वंचित कर दिया है।सोमवार को उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेशीय अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश चंद्र शर्मा एवं प्रदेश संयोजक हेम सिंह पुंडीर के आह्वान पर माध्यमिक, बेसिक व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 के विरोध में धरना प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की।
माध्यमिक व बेसिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षको ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए महावीर चौक पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 की प्रतियां फूँककर अपना विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि @UPGovt द्वारा यह शिक्षक विरोधी निर्णय लिया गया है। pic.twitter.com/9TiSfJ7jMd
— News & Features Network (@mzn_news) March 9, 2021
शहर के महावीर चौक स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक की प्रतियां फूँककर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक महासंघ के जिलाध्यक्ष बालेंद्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 एक प्रकार से शिक्षकों की मृत्यु का आज्ञा पत्र है।
शिक्षक इस विधेयक के लागू होने के बाद अपने खिलाफ लिए जाने वाले निर्णय की बाबत न्याय पाने के लिए उच्च न्यायालय जाने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
सरकार के अधीन अधिकारी ही शिक्षकों की बाबत कोई निर्णय लेंगे। जिसमें शिक्षकों को न्याय मिलने की संभावना लगभग क्षीण हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षकों की सेवा व सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा।

