Muzaffarnagar में क्रांति सेना की हुंकार: हिंदुओं के अधिकारों के लिए विराट जनआक्रोश रैली की तैयारी
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) क्रांति सेना ने हिंदुओं के अधिकारों और उनके समक्ष बढ़ रही चुनौतियों को लेकर विराट जनआक्रोश रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। यह रैली 22 दिसंबर को क्रांति सेना के अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी। रविवार को क्रांति सेना के कार्यालय पर आयोजित बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस रैली में भारी संख्या में शामिल होकर हिंदुओं की आवाज बुलंद करें।
बैठक में उठाए गए मुद्दे
बैठक का संचालन क्रांति सेना महासचिव पंडित संजीव शंकर और मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने किया। क्रांति सेना के नेताओं ने हिंदुओं की उपेक्षा, बेरोजगारी, और बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचारों जैसे कई मुद्दों पर सरकार और विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए। नेताओं का कहना है कि हिंदू आज अपने ही देश में राजनीतिक दलों की वोट बैंक राजनीति का शिकार बन गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विस्फोटक रूप से बढ़ती जनसंख्या और बेरोजगारी के बावजूद सरकारें चुप हैं। खासतौर पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर सरकार और विपक्ष का मौन चिंताजनक है। क्रांति सेना के अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने कहा, “आज हिंदू समाज ने बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए समर्थन दिया, लेकिन बदले में हिंदुओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह समय हिंदुओं के लिए खड़े होने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ने का है।”
22 दिसंबर: सड़कों पर उतरेंगे क्रांतिवीर
क्रांति सेना ने इस रैली को ‘हिंदुओं के लिए आवाज उठाने की लड़ाई’ करार दिया है। इस दौरान हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। रैली का उद्देश्य है केंद्र सरकार को हिंदुओं की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करना।
महिला मोर्चा की भूमिका भी अहम
महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी ने महिलाओं से भी इस रैली में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “आज महिलाओं के सामने भी कई समस्याएं हैं, जिनमें बढ़ती असुरक्षा और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है। इस रैली के माध्यम से हम अपनी आवाज बुलंद करेंगे।”
बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। उपस्थित नेताओं में मंडल अध्यक्ष आलोक अग्रवाल, जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, महानगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान, शिव सेना के जिला अध्यक्ष आनंद प्रकाश गोयल, और कामगार सेना के जिला अध्यक्ष शक्ति सिंह प्रमुख रहे। इसके अलावा, बैठक में मोहन पंडित, मगत राम, संजय वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, पूनम चौधरी, आदित्य कश्यप, सुनील प्रजापति, सेंकी शर्मा, राकेश धीमान, प्रदीप जैन, नीरज सैनी, और कई अन्य कार्यकर्ता भी शामिल थे।
रैली के उद्देश्य और भावी रणनीति
क्रांति सेना के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह रैली केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगी। इसके माध्यम से संगठन आगामी चुनावों में हिंदुओं के अधिकारों के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करेगा। पार्टी के नेता चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार हिंदुओं के अधिकारों को प्राथमिकता दें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं।
“हिंदू युवाओं के लिए रोजगार चाहिए”
बैठक में युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि देश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है, और सरकारें इसे रोकने के लिए गंभीर प्रयास नहीं कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार विशेष योजना बनाकर हिंदू युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करे।
हिंदू एकता का आह्वान
बैठक के दौरान हिंदू समाज से आह्वान किया गया कि वे अपनी राजनीतिक ताकत को समझें और संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।
रैली में सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासन से इस रैली के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रैली शांतिपूर्ण रहेगी, लेकिन प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी करनी चाहिए।
क्या कहता है हिंदू समाज?
बैठक के बाद हिंदू समाज के लोगों ने रैली के प्रति उत्साह दिखाया। कई युवा और महिलाएं भी इसमें भाग लेने के लिए तैयार हैं।
पार्टी पदाधिकारियों का बयान
ललित मोहन शर्मा ने अंत में कहा, “हम हिंदुओं के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे, चाहे इसके लिए हमें कितनी भी चुनौतियों का सामना क्यों न करना पड़े। हिंदू समाज की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस रैली के माध्यम से हम सरकार और विपक्षी दलों को सख्त संदेश देंगे कि हिंदुओं को अनदेखा करने की राजनीति अब नहीं चलेगी।”

