बहुत जल्द सभी कारों में 6 एयरबैग्स को अनिवार्य किया जाएगा, आम आदमी छोड़ो, मैंने 4 मुख्यमंत्रियों की गाड़ी में ऐसा देखा है- Nitin Gadkari
Nitin Gadkari ने सोमवार को कहा कि सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए आम आदमी की मानसिकता को बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘लोगों को लगता है कि पीछे बैठने वालों को सीट बेल्ट की जरूरत नहीं है. यह समस्या है. मैं किसी दुर्घटना पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन आगे और पीछे बैठने वालों दोनों को सीट बेल्ट पहनने की जरूरत है.’ वह IAA के वैश्विक शिखर सम्मेलन ‘Nations as Brands’ को संबोधित कर रहे थे.
नितिन गडकरी ने कहा, ‘आम लोगों की कारों को भूल जाओ, मैंने 4 मुख्यमंत्रियों की कारों में यात्रा की थी, मुझसे नाम मत पूछो. मैं आगे की सीट पर बैठा था और मैंने पाया कि एक क्लिप लगी हुई थी (सीट बेल्ट को फंसाने वाले पोर्ट में), ताकि सीट बेल्ट नहीं लगी होने पर गाड़ी का इंडिकेटर आवाज न करे. मैंने चारों मुख्यमंत्रियों के ड्राइवरों से पूछा कि सीट बेल्ट कहां है, और यह सुनिश्चित किया कि कार चलने से पहले मैं सीट बेल्ट पहनूं. अब मैंने ऐसी क्लिप के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बॉलीवुड सितारों, क्रिकेटरों और मीडिया की मदद ले रहा है.’
Nitin Gadkari की यह टिप्पणी टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की रविवार को एक कार दुर्घटना में मौत के बाद आई है. पुलिस जांच में पता चला कि साइरस मिस्त्री कार की पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी. कार ओवरस्पीड थी और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूर्या नदी पर बने पुल के डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘साइरस मिस्त्री की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और देश के लिए एक बड़ा झटका है. वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे. हमारी समस्या यह है कि हमारे देश में हर साल 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं और 1.50 लाख मौतें होती हैं. इन सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 65% 18 से 34 वर्ष की आयु के युवा और वयस्क होते हैं.’
Nitin Gadkari ने कहा, ‘अहमदाबाद-मुंबई राजमार्ग बहुत खतरनाक है. मैंने महाराष्ट्र में मंत्री रहते हुए इसका काम पूरा किया था. यह मेरे मंत्रालय में एकमात्र नकारात्मक बिंदु है जहां हम बहुत अधिक सफलता की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अच्छी स्थिति में नहीं हैं. हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रोड नेटवर्क वाला देश हैं. लेकिन सिर्फ 2% राष्ट्रीय राजमार्ग हैं…सभी मेट्रो शहरों की जरूरत है रिंग रोड. आबादी और कारों की संख्या दोनों बढ़ रही है, जिसे कंट्रोल करना हमारे हाथ में नहीं है.’
Nitin Gadkari ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सभी कारों में 6 एयरबैग अनिवार्य करने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘वही निर्माता 6 एयरबैग लगाते हैं जब वे उन कारों का निर्यात करते हैं. फिर आप भारतीय कारों में केवल 4 एयरबैग क्यों डालते हैं? क्या हमारे जीवन का कोई मूल्य नहीं है? एक एयरबैग की कीमत केवल ₹900 है और जब विक्री की संख्या बढ़ती है, तो लागत केवल कम होती है.’

