मीडिया से दूर दराज तक कोई लेना देना नहीं फिर उनको राज्य मुख्यालय की प्रेस मान्यता किस नियम कानून से: प्रमोद त्यागी
राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने निदेशक सूचना शिशिर सिंह से राज्य मुख्यालय पत्रकार मान्यताओं में फर्जीवाड़ा की निष्पक्ष जाँच करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि यदि पार्थ श्रीवास्तव द्वारा आत्महत्या न की गई होती तो सूचना निदेशालय में हो रहे फर्जी तरीके से मान्यता का गोरखधंधा सामने नहीं आ पाता..
सेवा में
श्रीमान शिशिर सिंह जी, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ।
विषय:- गलत तरीके से जारी राज्य मुख्यालय पत्रकार मान्यता की जाँच के सम्बंध में
महोदय।
राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ जानना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया आई टी सेल में कार्यरत
( 1) पुष्पेंद्र सिंह का प्रेस कार्ड संख्या 1258 एवं
(2) प्रणय विक्रम सिंह राठौर का प्रेस कार्ड संख्या 1259 जो कि रोजाना मुजफ्फरनगर समाचार पत्र से संबद्ध बताए जा रहे है।जबकि सूचना विभाग मै इस नाम से सब अनभिज्ञ है। उनको राज्य मुख्यालय की प्रेस मान्यता जालसाजी करके प्रदान की गई किस नियम कानून से ?
जोकि ऐसे लोगो का मीडिया से दूर दराज तक कोई लेना देना नहीं फिर क्यों राज्य मुख्यालय पत्रकारों की श्रेणी खड़ा किया और किसके इशारे पर ?
#सूचना निदेशालय लखनऊ में कार्यरत सोशल मीडिया कर्मी पार्थ श्रीवास्तव ने मरने से पहले अपने #सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं उम्मीद करता हूँ कि शिशिर सर इस बात पर उचित कार्रवाई करें।#News #Latest #Update. @ShishirGoUP https://t.co/U3N7VU2FjJ
— News & Features Network (@mzn_news) May 20, 2021
लखनऊ अपडेट: सीएम योगी के सोशल मीडिया सेल को चलाने वाली कंपनी के कर्मचारी पार्थ की आत्महत्या मामले में ,लखनऊ @Uppolice ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू pic.twitter.com/SC1Vq3s3wO
— News & Features Network (@mzn_news) May 22, 2021
यह दो नहीं अभी सैकड़ों फर्जी ऐसी मान्यता बाकी है जिनकी जनहित में जांच होना आवश्यक हो गया है इससे तो साबित हो गया कि विभिन्न संगठनों द्वारा जो शिकायतें की गई उसकी पुष्टि स्वत: हो ही रही है।
क्या निदेशक सूचना अब सभी राज्य मुख्यालय से जुड़ी प्रेस मान्यताओं कि जांच करवाएंगे या नहीं?

प्रमोद त्यागी,
प्रदेश अध्यक्ष उ•प्र•
राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ।
मो0न0-9760000716

