भ्रष्टाचार के खिलाफ बरसने को तैयार डीएम का चाबुक-कई महारथी चपेट में

आपको नायक फिल्म तो जरूर याद होगी जिसमें अनिल कपूर ने सजग एवं जनता के प्रहरी नायक का किरदार जीवंत किया था। उसी से मिलते जुलते कार्यप्रणाली के साथ और “हम अधिकारी जरा दूजे किस्म के हैं ”को चरितार्थ करने के कार्य में लगें हैं- मुजफ्फरनगर के नवागत जिला अधिकारी डा0 अजय शंकर पाण्डे।
जिला अधिकारी श्री अजय शकर पाण्डेय ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का वायदा जनता से किया था। उसकी शुरुआत उन्होने योजनाबद्ध ढंग से शुरू कर दी है। तहसील कर्मचारी हो या कलक्ट्रेट के अधिकारी, सबको उन्होने स्पष्ट संदेश दे दिया हैं कि भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। गौरतलब हैं कि, जिलाधिकारी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं।
प्राधिकरण के इतिहास मै यह पहली बार हुआ है जब किसी जिला अधिकारी ने प्राधिकरण के कर्मचारियों को सामने बैठाकश खुले तौर पर कर्मीशनन शून्य व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण में यह भी पहली बार हुआ जब कल रात्रि मे ठेकेदारों को भी बुलाकर उपाध्यक्ष ने कमीशन विहीन गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का खुला संदेश दिया है। जिला अधिकारी का भ्रष्टाचार पर यह आक्रमण प्रभावी सिद्ध हुआ जब वर्षों से लम्बित् 25 नक्शे चार घण्टे के अन्दर पास करे दिये गये। इन नक्शों को पास करवाने के लिए आवेदक प्राधिकरण के चक्कर लगाने मे एडी चोटी का जोर लगा देते थे। उन्हें पहली बार फोन पर नक्शा पास होने की सूचना दी गई और सबसे सुखद बात यह रही फि प्राधिकरण के कर्मचारी नक्शा लेकर उनके घर तक गए।
ज़िला अधिकारी ने एक और निर्देश जारी किया जिसमें हर जेई से अवैध निर्माण की सूचना देने और निर्माण कार्य नियमामुसार विनिमित किये जाने का प्रमाण पत्र एक सप्ताह देने है। प्राधिकरण के बाद दूसरी सख्त क्लास जिला अधिकारी ने आपूर्ति विभाग की ली। आपूर्ति व्यवस्था में अनियमितता पाये जाने जाने पर सीधे-सीधे आपूर्ति निरीक्षकों पर कार्यवाही की जानी तय है। एसडीएम और तहसीलदार को भी कोटेदारों के साथ बैठक कर के कमीशन विहीन आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के जिला अधिकारी के निर्देश बताए जाने की अपील की गई है।
जिला अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार जनपद में काम कर रही तमाम कार्यदायी संस्थाओं की नाकेबंदी किये जाने की कार्ययोजना तैयार की गयी हैं। सिमें एस्टीमेट प्रमाणपत्र से लेकर निर्माण कार्यो की गुणवत्ता और स्वच्छ भुगतान की प्रक्रिया भी शामिल हैं। एक विस्तृत प्रोफार्मा पर समस्त कार्यदायी संस्थाआं से सूचना मांगी जा रही हैं। देश के उच्चस्तरीय संस्थान से भी पत्राचार की खबर हैं, जिन्हें जाँच हेतु अनुबंधित किये जाने का प्रस्ताव हैं। नगरपालिका भी जिला अधिकारी के राडार पर हैं। नगरपालिका की सफाई, स्वास्थ्य और टैक्स व्यवस्था के कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में जिला अधिकारी ने मूलभूत बिन्दुंओ पर रणनीति तैयार करने की बात की हैं। जिला अधिकारी ने इस मुहिम में डी0आई0ओ0एस0, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी नगरपालिका चपेब् में आ चुके हैं। जिले में चर्चा हैं कि जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली से अनभिज्ञ एक जिला स्तरीय अधिकारी जेल जाते जाते बचे हैं। कुल मिलाकर नवागत जिला अधिकारी श्री अजय श्ंकर पाण्डेय की कार्यप्रणाली से बदलाव की आहट और स्वच्छ प्रशासन की आस जनता को जरूर महसूस हो रही हैं।
