Meerut में पुलिस ने किया 50,000 रुपये के इनामी बदमाश नईम उर्फ जमील का एनकाउंटर, सौतेले भाई के परिवार के पांच सदस्यों की हत्या का था आरोपी
Meerut उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बड़ा पुलिस ऑपरेशन तब समाप्त हुआ जब पुलिस ने 50,000 रुपये के इनामी बदमाश नईम उर्फ जमील को एनकाउंटर में मार गिराया। यह बदमाश अपनी हैवानियत के लिए बदनाम था। उसकी क्रूरता का उदाहरण 9 जनवरी को मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में घटित एक दिल दहला देने वाली घटना है, जब उसने अपने सौतेले भाई के पूरे परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी। पुलिस ने इस अपराधी को पकड़ने के लिए जो अभियान चलाया, वह इलाके के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
नईम उर्फ जमील का काला इतिहास:
नईम का अपराधी जीवन बेहद कुख्यात था। वह पहले भी कई अपराधों में शामिल रह चुका था। दिल्ली और महाराष्ट्र में भी वह हत्या, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों में लिप्त रहा था, लेकिन हर बार पुलिस की पकड़ से बचकर भाग जाता था। मेरठ में घटी इस दुखद घटना के बाद वह तुरंत फरार हो गया और पुलिस उसके पीछे पड़ गई थी। उसके खिलाफ कई गंभीर मामलों में आरोप थे, जिनमें हत्या, धोखाधड़ी और लूट जैसे अपराध शामिल थे।
हत्या की घिनौनी साजिश:
नईम ने 9 जनवरी को अपने सौतेले भाई मोइन और उनकी पत्नी असमा, और उनकी तीन बेटियों अफ्सा (8), अजीजा (4), और अदीबा (1) की निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस को घटना के दिन लिसाड़ी गेट इलाके के एक घर से पांच शव बरामद हुए थे। इन शवों में तीन बच्चियों के शव बेड बॉक्स से और एक बच्ची का शव बोरी में मिला था। ये शव देखकर पुलिस और आसपास के लोग सन्न रह गए थे। इस नरसंहार के पीछे की कहानी उतनी ही खौ़फनाक थी जितनी उस घटना ने सबको झकझोर दिया।
सूत्रों के अनुसार, नईम ने अपने सौतेले भाई के पूरे परिवार की हत्या करने की साजिश रची थी। यह हत्या न केवल बर्बर थी, बल्कि इसके पीछे एक खतरनाक मानसिकता भी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि नईम ने परिवार को मौत के घाट उतारने के लिए पहले से ही पूरी योजना बना रखी थी। इसके बाद वह हत्या कर फरार हो गया और लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा।
पुलिस की मेहनत और अभियान:
मेरठ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक बड़ी जाँच शुरू की। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने खुद इस अभियान की निगरानी की। उनकी कोशिशों का परिणाम यह हुआ कि मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए एक कड़ी रणनीति बनाई। पुलिस को जानकारी मिली कि नईम महाराष्ट्र और दिल्ली में भी छिप सकता है, और वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। लेकिन पुलिस की नज़रें उस पर लगातार बनी रही।
अंततः, मेरठ पुलिस को एक सूत्री जानकारी मिली और वह उस जगह तक पहुंचने में सफल हो गई जहां नईम छिपा हुआ था। एक सटीक और जबरदस्त ऑपरेशन के बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। नईम ने पुलिस पर गोलीबारी की, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। उसके पास से कुछ हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।
नईम की मौत का असर:
नईम की मौत ने जहां पुलिस प्रशासन को राहत दी, वहीं इस जघन्य हत्या कांड के शिकार हुए परिवार के लोगों को भी एक हद तक न्याय की उम्मीद जगी। पुलिस के इस ऑपरेशन ने क्षेत्रवासियों को एक सुरक्षित वातावरण का अहसास कराया। हालांकि, परिवार के पांच सदस्य अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन नईम की मौत से इलाके में एक संदेश गया कि पुलिस का इकबाल और सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।
पुलिस ऑपरेशन की सराहना:
इस ऑपरेशन की चारों ओर सराहना हो रही है। जहां एक ओर अपराधी समाज के लिए खतरा बने हुए हैं, वहीं पुलिस के इस ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि उन्हें किसी भी कीमत पर अपराधियों को पकड़ने से कोई रोक नहीं सकता। पुलिस का यह कदम बाकी अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में उभरा है।
लोकप्रियता की ओर बढ़ते पुलिस अधिकारियों का नाम:
मेरठ पुलिस के इस ऑपरेशन में कई पुलिस अधिकारियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दृढ़ संकल्प और पेशेवर तरीके से किए गए प्रयासों ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने में मदद की। इनमें से कई पुलिसकर्मियों को क्षेत्रवासियों ने उनके साहस और बहादुरी के लिए सराहा।
नईम की मौत और पुलिस का ऑपरेशन इलाके में छाए खौ़फ को खत्म करने की दिशा में एक कदम साबित हुआ है। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने जो कार्रवाई की, उससे यह स्पष्ट हो गया कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। पुलिस का यह ऑपरेशन एक संदेश के रूप में सामने आया है कि अपराध चाहे जितना भी संगीन हो, पुलिस अपराधियों का पीछा करके उन्हें सजा दिलवाने तक किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगी।

