Russian President पुतिन के दौरे से पहले AK-203 Assault Rifle की डील को मंजूरी
व्लादिमीर पुतिन (Russian President) के अगले महीने भारत आने से पहले, रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अमेठी में 7.5 लाख AK-203 Assault Rifle के निर्माण के लिए रूस के साथ 5,000 करोड़ रुपए से अधिक के सौदे को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।
रूसी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान इस डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की मीटिंग में इस डील को मंजूरी दी गई। रूस में डिजाइन की गई AK-203 अमेठी की एक फैक्ट्री में बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति बनी थी और अब आखिरी बड़ा मुद्दा तकनीक के ट्रांसफर के मुद्दों को हल करना होगा।
#WATCH | In the last 7 years, we've seen that there is no talk of non-alignment & peace. We behave like we are slaves of Americans, begging for protection from China… Our relation with Russia has suffered a massive blow after 2014: Congress leader Mani Shankar Aiyar (22.11) pic.twitter.com/vG7HNDNdbg
— ANI (@ANI) November 23, 2021
7.5 लाख एके 203 Assault Rifle के निर्माण में शुरुआती 70 हजार राइफल रूस निर्मित उपकरण से लैस होंगे। प्रोडक्शन की शुरुआत होने के 32 महीने के बाद ये राइफल्स सेना को मिलनी शुरू हो जाएंगीं।
साल 2013 में रैटनिक प्रोग्राम के तहत एके-203 में थोड़े-बहुत बदलाव करके उसे एके-103-3 नाम दिया गया। इसके बाद साल 2019 में एके-300 और एके-100एम राइफल्स आईं। हालांकि, साल 2019 में ही इसे अंतिम तौर पर AK-203 नाम दे दिया गया। एके-203 असॉल्ट राइफल इंसास की तुलना में छोटी, हल्की और घातक है।
इंसास राइफल की तुलना में AK-203 का वजन 3.8 किलोग्राम है। एके-203 की लंबाई केवल 705 मिलीमीटर है। इसका वजन और लंबाई कम होने के कारण बंदूक को आसानी से लंबे समय तक ढोया जा सकता है और लंबाई कम होने से इसको हैंडल करना भी अन्य राइफल के मुकाबले आसान होता है।
डील के बीच, भारत-रूस के संबंधों को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार पर तंज किया। इंडो-रशिया फ्रेंडशिप सोसायटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा, “पिछले 7 सालों में गुटनिरपेक्षता की बात नहीं होती है और शांति को लेकर कोई चर्चा नहीं होती है।

