Lord Shiva के प्रिय दिन से नववर्ष होगा प्रारम्भः पं. संजीव शंकर
मुजफ्फरनगर। संजीव शंकर अध्यक्ष महामृत्युंजय सेवा मिशन ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि पूरी दुनिया नया साल २०२२ के स्वागत करने की तैयारी में है। हिंदू पंचांग के अनुसार नए साल २०२२ की शुरुआत पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि अर्थात् मास शिवरात्रि, भगवान शिव Lord Shiva के प्रिय दिन से होने जा रही है।
महामृत्युंजय सेवा मिशन अध्यक्ष पंडित संजीव शंकर ने बताया कि भाजपा भी इस बार शिव के आशीर्वाद से चुनावी नैया पार करने की योजना बना चुकी है,साल २०२२ का पहला दिन ज्येष्ठा नक्षत्र में होगा। साल २०२२ के पहले महीने की १४ तारीख को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा। फिर इसके बाद बसंत पंचमी का पर्व, ०१ मार्च को महाशिवरात्रि, १८ मार्च को होली, ०२ अप्रैल से चैत्र नवरात्रि आरंभ हो जाएगी
फिर २ अगस्त को नाग पंचमी, ११ अगस्त को रक्षाबंधन, १९ अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व आएगा। २६ सितंबर २०२२ से शारदीय नवरात्रि और नया हिंदू नवर्ष आरंभ हो जाएगा। ०५ अक्तूबर को दशहरा और २४ अक्तूबर २०२२ को दीपावली का त्योहार आएगा, जबकि छठ पूजा ३० अक्तूबर को होगी। साल २०२२ में चार ग्रहण भी लगेगा जिसमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्रग्रहण होगा।
इसके अलावा राजनीतिक रूप से भी यह वर्ष बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। भाजपा शिव के दिन से प्रारंभ होने वाले इस वर्ष में शिव के नाम पर ही आगामी चुनाव लड़ने की योजना के लिए तैयार है। काशी कॉरिडोर की स्थापना के साथ ही यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर तक रहने की संभावना है। कांग्रेस महिला शक्ति को लेकर,सपा भाजपा का विरोधी वोट बैंक और बसपा पर अभी स्पष्ट मुद्दा नहीं है।
रोग की दृष्टि से विचलित व व्यापार की दृष्टि से हल्का रहने की संभावना है। पंडित संजीव शंकर ने कहा कि वर्ष २०२२ भगवान शिव के पूजन के साथ प्रारंभ करें जिससे इस वर्ष कष्टों से बचा जा सके।

