मीनाक्षी चौक के पास उग्र भीड़ ने प्रदर्शन कर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की
नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में शुक्रवार को भारी बवाल हुआ है। जहां मेरठ में चार की मौत हुई तो वहीं बिजनौर में गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई। मुजफ्फरनगर में भी एक की मौत हो गई है। मेरठ में इंटरनेट सेवा भी शनिवार शाम तक बंद कर दी गई है।
मेरठ में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। बवालियों ने पुलिस की दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को फूंक दिया। जमकर पथराव और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में तीन बवालियों की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि तीन-चार बवाली गोली लगने से घायल हुए हैं। तीन सिपाहियों को भी गोली लगी है। पथराव में डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी और एडीएम सिटी समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
मेरठ में बवाल होने का इनपुट था। जुमे की नमाज को देखते हाई अलर्ट घोषित किया गया था। दोपहर करीब दो बजे कोतवाली स्थित जामा मस्जिद से नमाज के बाद लोगों की भीड़ सीएए के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए बाहर निकली। पुलिस फोर्स ने उनको रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। उसके बाद 15-20 बवाली लिसाड़ीगेट चौराहे पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। भीड़ बढ़ती गई। जिसके बाद बवालियों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग करनी शुरू कर दी।
सूचना पर डीएम और एसएसपी फोर्स लेकर लिसाड़ी गेट में पहुंचे। दोनों तरफ से पथराव होने के साथ गोलियां चलने लगीं। इसके बाद हापुड़ अड्डे पर पहुंचे बवालियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव करते उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। हापुड़ रोड पर पुलिस फोर्स की कमी होने के चलते बवालियों की भीड़ बढ़ गई। एसडीएम सहित 20 रंगरूट (ट्रेनी सिपाहियों) को एक मकान में बवालियों ने बंधक बना लिया। पथराव और पुलिस के वाहनों में आगजनी होने पर हापुड़ रोड पर भगदड़ मच गई। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
