Saharanpur News: Darul Uloom Deoband की फतवे जारी करने वाली वेबसाइट बंद करने का आदेश, डीएम ने देवबंद को भेजा नोटिस
Saharanpur News: विधानसभा चुनाव से पहले फतवे जारी करने वाली दारुल उलूम देवबंद (Darul Uloom Deoband) की वेबसाइट को बंद करने का आदेश दिया गया है। सहारनपुर के डीएम ने विवादित फतवे जारी करने को लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से नोटिस भेजे जाने के बाद यह आदेश दिया है।
दरअसल पिछले दिनों दारुल उलूम देवबंद Darul Uloom Deoband ने एक फतवा जारी कर कहा था कि गोद लिए गए बच्चे को असल बच्चे का दर्जा नहीं दिया जा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि गोद लिए गए बच्चे को सम्पत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा और न ही वह किसी भी मामले में उत्तराधिकारी होगा। इसके अलावा यह भी कहा गया कि बच्चे के बड़े होने के बाद उसको शरिया का पालन करना करना चाहिए।
देवबंद के इस फतवे के बाद काफी बवाल मचा। जिसके बाद एक शिकायत पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सहारनपुर के डीएम को दारुल उलूम देवबंद की वेबसाइट की जांच करने को कहा। साथ ही उसपर मौजूद सामग्री को हटाने और वेबसाइट पर रोक लगाने के लिए कहा।
Darul Uloom Deoband पहले भी अपने विवादित फतवों की वजह से चर्चा में रहा है। कुछ साल पहले देवबंद ने एक फतवा जारी करते हुए जीवन बीमा को हराम बताया था और कहा था कि जीना-मरना अल्लाह के हाथ में है, कोई इंश्योरेंस कंपनी व्यक्ति की लंबी जिंदगी की गारंटी नहीं दे सकती है। लिहाजा मुस्लिम इससे दूर रहें।
Darul Uloom Deoband वेबसाइट पर बच्चों की शिक्षा से जुड़े फतवे जारी किए जाने का दावा करते हुए आयोग ने राज्य सरकार को देवबंद के खिलाफ आईपीसी की धारा, किशोर न्याय अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा था।
आयोग ने इस मामले में 10 दिन के अंदर रिपोर्ट भेजने को कहा। जिसके बाद सहारनपुर के डीएम ने दारुल उलूम Darul Uloom Deoband की वेबसाइट पर रोक लगा दी है और बंद रखने का भी आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेबसाइट बंद करने के आदेश को लेकर देवबंद ने कहा है कि हमारी ओर से जारी फतवे मानने के लिए लोग बाध्य नहीं हैं।

