Sonbhadra News: मिर्जापुर वेब सीरीज से प्रेरित होकर बनाई थी योजना, सर्राफा व्यवसायी से मांगी थी एक करोड़ की रंगदारी
Sonbhadra News: घोरावल निवासी बड़े सर्राफा व्यवसायी पन्नालाल गुप्ता से फोन कर एक करोड़ की रंगदारी मांगने के लिए लखनऊ से चोरी किए गए मोबाइल और चोरी के सिम का इस्तेमाल किया गया था। उनके बारे में पुलिस को पता न चलने पाए, इसके लिए सुल्तानपुर के रहने वाले सगे भाइयों ने प्रतापगढ़ जिले के आसपुर थाना क्षेत्र में जाकर कॉल की।
पूर्व में लूटपाट के मामले में संलिप्त पाए जा चुके आरोपियों ने मिर्जापुर वेब सीरीज से प्रेरित होकर पहली बार रंगदारी मांगने का रास्ता चुना, लेकिन सर्विलांस ने उनके करतूतों की पोल खोल कर रख दी और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय विनोद कुमार ने शनिवार की शाम चार बजे के करीब इसका खुलासा किया। कामयाबी पाने वाली टीम को पुलिस उप महानिरीक्षक-पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह की तरफ से 25 हजार का पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी दी।
घोरावल निवासी पन्नालाल गुप्ता को गत सात फरवरी को एक काल आई और उनसे एक करोड़ की रंगदारी मांगते हुए न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंनें इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी और पुलिस ने मामला दर्ज कर, कॉल करने वालों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। डीआईजी-एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने भी घोरावल पुलिस, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की संयुक्त टीम गठित कर जल्द खुलासे के निर्देश दिया।
जांच के दौरान पता चला कि व्यवसायी को जो काल आया है, उसका लोकेशन प्रतापगढ़ जिले के आसपुर थाना क्षेत्र सारडीह का है। वहां पहुंची टीम ने जब जानकारी जुटाई तो मामले का तार सुल्तानपुर से जुड़ता मिला। इसके आधार पर सुरागसी करते हुए सुल्तानपुर जिले के चांदा से पट्टी जाने वाली सड़क पर स्थित पट्टी जाने वाली सड़क पर स्थित रामनगर गांव से आरोपी अंकित मिश्रा पुत्र राधेश्याम मिश्रा उर्फ श्यामू निवासी रामनगर, थाना चांदा, जनपद सुल्तानपुर और उसके भाई आयुष मिश्रा उर्फ सागर उर्फ गुड्डु को दबोच लिया गया।
उसके पास से दो चोरी के फोन बरामद हुए। उसमें से एक फोन का प्रयोग रंगदारी मांगने के लिए किया जाना बताया गया। सोनभद्र लाकर आरोपियों से पूरी घटना के बाबत पूछताछ की गई। इसके बाद शनिवार की शाम दोनों आरोपियों का धारा धारा 34, 411, 414, 201, 384 आईपीसी के तहत चालान कर दिया गया।
एएसपी विनोद कुमार (ASP Vinod Kumar) ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में मिर्जापुर वेब सीरीज से प्रेरित होकर घटना का अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पहली बार उन्होंने इस तरह की घटना की थी लेकिन तत्काल व्यवसायी ने पुलिस को सूचना दे दी। इससे उनकी मंशा कामयाब नहीं हुई और दबोच लिए गए।
अंकित मिश्रा के खिलाफ पहले से लूटपाट के आरोप में लखनऊ जिले के चिनहट थाना और सुल्तानपुर के चांदा थाना में मामला दर्ज है। इसी तरह उसके भाई आयुष मिश्रा के खिलाफ भी लूट एवं अन्य धाराओं में सुल्तानपुर के चांद थाने में मामला पंजीकृत है। आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए चोरी के मोबाइल का तो प्रयोग किया ही, चोरी के सिम का भी प्रयोग किया ताकि उनकी पहचान कहीं से भी सार्वजनिक न होने पाए, लेकिन सुल्तानपुर में तीन दिन तक लगातार मेहनत के बाद टीम ने उन्हें खोज निकाला।
निरीक्षक मोहम्मद साजिद सिद्धीकी प्रभारी एसओजी, प्रभारी निरीक्षक घोरावल देवतानंद सिंह, उप निरीक्षक सरोजमा सिंह प्रभारी सर्विलांस सेल, उप निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह चैकी प्रभारी कस्बा घोरावल, उप निरीक्षक अमित त्रिपाठी प्रभारी स्वाट टीम सहित अन्य कामयाबी पाने वाले टीम में रहे शामिल

