Zaporizhzhya NPP पर हर तरफ से गोलीबारी: युद्ध के बीच हुई पुतिन और मैक्रों की बातचीत
यूक्रेन के विदेश मामलों के मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने बताया है कि रूसी सेना यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र, Zaporizhzhya NPP पर हर तरफ से गोलीबारी कर रही है. इस संयंत्र में आग पहले ही लग चुकी है और अगर इसमें धमाका हुआ तो यह चेरनोबिल से 10 गुना बड़ा होगा.
Kharkiv में रूस ने कब्जा कर लिया है. ऐसे में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बातचीत की थी. समाचार एजेंसी एएफपी ने जानकारी दी है कि इस बातचीत में पुतिन ने तय योजना के तहत हमले जारी रखने की बात कही और यूक्रेन युद्ध में मारे गये रूसी सैनिकों के परिवारों को बड़ा मुआवजा देने की बात कही है.
#WATCH यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के कार्यालय प्रमुख के सलाहकार ने जपोरिजिया परमाणु संयंत्र का एक वीडियो ट्वीट किया। #Ukraine #Zelenskyy pic.twitter.com/5DkxYHLWn2
— News & Features Network (@mzn_news) March 4, 2022
यूक्रेन पर नियंत्रण हासिल करने को कहा
एएफपी लिखता है कि पुतिन ने अपनी सुरक्षा परिषद से तय समय और योजना को कठोरता से पालन करते हुये यूक्रेन पर नियंत्रण हासिल करने को कहा है. पुतिन ने यूक्रेन पर हमले को लेकर कहा कि हम नए नाजियों के खिलाफ युद्ध में हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं इस सिद्धांत को कभी नहीं छोड़ूंगा कि रूसी और यूक्रेनी नागरिक उनके लिये एक समान हैं. रूसी सेना नये नाजियों से वीरता पूर्वक लड़ाई लड़ रही है.
गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने पुतिन से बात की थी. इस बातचीत में मैक्रों ने पुतिन से यूक्रेन पर हमला रोकने के लिए कहा था. इस पर मैक्रों ने ट्वीट करते हुये कहा कि इस समय तो उन्होंने इससे इनकार किया है.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि उन्होंने गुरुवार को पुतिन से फोन पर बात की थी और कहा कि वह उनसे बातचीत जारी रखेंगे ताकि और अधिक मानवीय त्रासदी नहीं हो. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हमें हालात बदतर होने से रोकना चाहिए.
उनकी बीच हुई इस बातचीत की पुष्टी दोनों देशों ने की है. दोनों नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक बातचीत चली. इसके बाद मैक्रों ने कहा कि पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहते हैं. यूक्रेन में सबसे बुरा होना बाकी है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए एक बार फिर कहा है, लेकिन पुतिन अभी ऐसा नहीं करेंगे. मैक्रों ने ट्वीट करते हुये कहा कि इस समय तो उन्होंने इससे इनकार किया है.
पुतिन से फोन पर बात की
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पुष्टि की कि उन्होंने गुरुवार को पुतिन से फोन पर बात की थी और कहा कि वह उनसे बातचीत जारी रखेंगे ताकि और अधिक मानवीय त्रासदी नहीं हो. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हमें हालात बदतर होने से रोकना चाहिए.
उनकी बीच हुई इस बातचीत की पुष्टी दोनों देशों ने की है. दोनों नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक बातचीत चली. इसके बाद मैक्रों ने कहा कि पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहते हैं. यूक्रेन में सबसे बुरा होना बाकी है.
Maintaining dialogue to protect the people, obtaining measures that will avoid human tragedy, putting an end to this war: this is the purpose of my commitment alongside President Zelensky and the international community. I am and will remain fully determined.
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) March 3, 2022
गौरतलब है कि पुतिन और मैक्रों की मुलाकात पिछले महीने यानी फरवरी के दूसरे हफ्ते मॉस्को में हुई थी. उस समय मैक्रों ने ने रूस से जंग की आशंका को खत्म कर आपसी विश्वास बहाली को कायम करने के लिए आग्रह किया था जिस पर पुतिन ने भी यूक्रेन में नाटो (NATO)सेना की घुसपैठ की शंकाओं को दूर करने की शर्त रखी. इन दोनों नेताओं की बैठक की तस्वीरें भी इंटरनेट में काफी वायरल हुई थी.
यूरोपीय सुरक्षा को लेकर फ्रांस की भूमिका की सराहना
मैक्रों ने तनाव कम करने के लिए चर्चा को संभावित पहला कदम बताते हुए कहा कि संवाद जरूरी है क्योंकि उनके विचार में यही एक बात है जिससे यूरोपीय महाद्वीप पर सुरक्षा और स्थिरता कायम करने में मदद मिल सकती थी. वहीं व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय सुरक्षा को लेकर फ्रांस की भूमिका की सराहना की है.
उल्लेखनीय है कि रूसी सेना लगातार कीव, खारकीव और चेर्निहिव समेत यूक्रेन के कई शहरों पर हमले कर रही है. न्यूज़ एजेंसी एपी के मुताबिक, यूक्रेन के उत्तरी शहर चेर्निहिव पर रूस के हमले में कम से कम 22 नागरिक मारे गये, बचावकर्मी मलबे में अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं.
रूसी सेना ने एक रणनीतिक बंदरगाह पर कब्जा कर लिया है और दूसरे को घेर लिया है. इसके साथ ही मॉस्को अपने पड़ोसी को काला सागर से काटने की कोशिश कर रहा है. रूसी सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2,80,000 लोगों की आबादी वाले खेरसॉन पर उसका नियंत्रण है, जो पिछले हफ्ते रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से कब्जे में जाने वाला पहला बड़ा शहर है.
एनरहोदर शहर पर हमला
इससे पहले यूक्रेन के सरकारी अधिकारियों ने बताया था कि रूस के एनरहोदर शहर पर हमला करने के बाद यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा केंद्र Zaporizhzhya NPP से धुआं दिखाई दिया. हालांकि हमले के दौरान प्लांट में तीसरी बिजली इकाई बंद थी और अब केवल चौथी इकाई काम कर रही है.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज नौवां दिन है. इस भीषण युद्ध के नौवें दिन रूसी सेना ने यूक्रेन में यूरोप के सबसे बड़े जापुरीझझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र और आस पास के क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इसको लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने गंभीर खतरे की चेतावनी दी है. साथ ही आईएईए ने कहा कि हम स्थिति के बारे में यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है और परमाणु ऊर्जा संयंत्र (एनपीपी) पर गोलाबारी की खबरों से भी अवगत है.

