ठंड व कोहरे का प्रकोप जारी-धूप से मिली राहत: कई ट्रेनें विलंब से पहुंची
मुजफ्फरनगर। ठंड का प्रकोप कम नहीं पड रहा है रोजाना घने कोहरे व शीतलहर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कोहरे की चादर से पूरा शहर ढका रहा। यातायात संचालन प्रभावित हो गया। लंबी दूरी की ट्रेनें व बसें अपने निर्धारित समय से लेट चलीं।
वाहन रेंगकर चलते रहे। शीतलहर के चलते पूरे दिन लोगों की कंपकंपी छूटती रही। रात से ही घना कोहरा शुरू हो गया था। बुधवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो पूरा शहर कोहरे के आगोश में था। कोहरे के चलते दृश्यता इतनी कम थी कि सामने १० मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन हेडलाइट जलाने के बाद भी रेंग कर चलते दिखे। कुछ वाहनों की गति पर तो पूरी तरह ब्रेक लग गया।
साथ ही शीतलहर लोगों की कंपकंपी छुड़ा रही थी। कोहरे ने जीवन को बेहाल कर दिया। कोहरा पेड़-पौधों से बूंदों के रूप में टपकता रहा। बस और ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से रेलवे स्टेशन पर पहुंची। कुछ भारी वाहनों के चालकों ने अपने वाहनों को स्टेट हाइवे, नेशनल हाइवे व अन्य मुख्य मार्गों पर बने होटल, रेस्टोरेंट आदि पर वाहनों को खड़ा कर दिया।
कई-कई घंटे वाहन सड़क किनारे खड़े रहे। कोहरा कम होने पर चालक वाहनों को लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकली धूप से लोगों को कुछ राहत मिली। सुबह के समय ठंड से बचाव के लिए लोग घर, आफिस, दुकान, प्रतिष्ठान आदि में अंगीठी, हीटर, गैस बर्नर आदि जला रहे थे। खेतों पर काम करने वाले लोगों ने पहले पत्ती आदि जलाकर अपने शरीर को गर्म किया और इसके बाद उन्होंने काम शुरू किया।
घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, ठंड का असर कम नहीं
मुजफ्फरनगर। कोहरे और ठंड का कहर कम नहीं हो रहा है। सुबह घना कोहरा छाया रहा और ठंड भी काफी रही। अधिकतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर और ज्यादा बढ़ गया है। दिन में भी ठिठुरन कम नहीं हो रही है। साथ ही मौसम में नमी अधिक होने के चले बारिश के आसार बने हुए हैं। करीब एक महीने से जबर्दस्त ठंड पड़ रही है। सुबह को घना कोहरा आने से जनजीवन प्रभावित हो जाता है।
अलसुबह से ही घना कोहरा छा गया था। इसका असर दोपहर तक बना रहा। घने कोहरे के चलते वाहन चालकों की मुसीबतें बढ़ी रही। बस और ट्रेन यातायात प्रभावित रहा। दोपहर में थोड़ी देर के लिए धूप निकली, लेकिन यह भी बेअसर रही। थोड़ी देर बाद ही बादल छा गए और ठंड में और ज्यादा इजाफा हो गया। जिले का अधिकतम तापमान 15.4 तथा न्यूनतम 8.2 डिग्री रिकार्ड यि गया। आर्द्रता 100 प्रतिशत रही।
बीते कई दिनों से मौसम में नमी बढ़ी हुई है। इसके चलते बारिश के आसार बन रहे हैं। गलन वाली सर्दी से परेशान हो रहे लोग-बीते कई दिनों से गलन वाली सर्दी पड़ रही है। हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं। सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी के चलते बाजार भी देरी से खुल रहे हैं और शाम को जल्दी दुकानें बंद हो जाती हैं। रात्रि आठ बजे से ही बाजार में सन्नाटा पसर जाता है।
कई ट्रेनें विलंब से पहुंची– घने कोहरे का असर सड़क के अलावा रेल संचालन पर भी पड़ा। यहां से गुजरने वाली कई ट्रेन देरी से पहुंची। ऋषिकेश पैसेंजर एक घंटे 11 मिनट, उत्कल एक्सप्रेस एक घंटा 47 मिनट, नौचंदी एक्सप्रेस सवा घंटे, निजामुद्दीन अंबाला पैसेंजर सवा दो घंटे, अंबाला-दिल्ली पैसेंजर एक घंटा पांच मिनट, सुपर 47 मिनट, सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर 44 मिनट, कलिंगा एक्सप्रेस एक घंटा देर से यहां पहुंची।
देहरादून सुपर फास्ट भी सवा घंटे देरी से चल रही थी।रोडवेज में यात्री घटे-घने कोहरे और सर्दी का असर रोडवेज की आय पर भी पड़ रहा है। अधिक ठंड होने के कारण रात्रि कालीन सेवाओं में यात्री कम सफर कर रहे है, जिससे डिपो की आय प्रभावित हो रही है। मुजफ्फरनगर डिपो के केंद्र प्रभारी राजकुमार तोमर ने बताया कि सर्दी के कारण रोडवेज बसों का लोड फैक्टर कम होने के कारण प्रतिदिन की आय करीब तीन लाख रुपये कम हो गई है।
