पांच हजार तालिबान आतंकियों को रिहा करेगी अफगान सरकार-अशरफ गनी
अशरफ गनी ने यू टर्न लेते हुए पांच हजार तालिबान आतंकियों को रिहा करने का फैसला किया है, बशर्ते विद्रोहियों को हिंसा में कमी लानी होगी। राष्ट्रपति अशरफ गनी के प्रवक्ता ने कहा, तालिबान और काबुल के बीच शांति वार्ता में हो रही देरी को देखते हुए यह फैसला किया गया है। हालांकि इससे पहले राष्ट्रपति गनी ने आतंकियों को रिहा करने से साफ इनकार कर दिया था।
अशरफ गनी के फैसले से ठीक पहले अमेरिका ने अफगानिस्तान में दो ठिकानों से सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की थी।
Ashraf Ghani has signed a pardon for some of the imprisoned members of the Taliban in direct talks with the group. #Afghanistan #AfghanPeaceProcess #afghantaliban pic.twitter.com/rzsXOpthv3
— The Middle East Watch (@TheMEWatch) March 11, 2020
पिछले महीने दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ था, जिसके मुताबिक अमेरिका धीरे धीरे अपने सैनिकों को वापस बुलाएगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता सादिक सिद्दिकी ने बुधवार को कहा, सरकार शनिवार से 1500 कैदियों को रिहा करेगी। बाकी 3500 कैदियों को वार्ता शुरू होने के बाद धीरे धीरे रिहा किया जाएगा।
समझौते में प्रतिदिन 100 कैदियों को छोड़ने का प्रस्ताव है, लेकिन तालिबान को देश में हमले बंद करने होंगे। अफगान सरकार और तालिबान के बीच मंगलवार से वार्ता शुरू होनी थी, लेकिन इससे पहले विद्रोहियों ने 1000 बंदियों के बदले आतंकियों को रिहा करने की मांग कर दी। हालांकि राष्ट्रपति ने बुधवार को अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा, रिहा होने वाले आतंकियों में से कोई भी फ्रंटलाइन पर नहीं लौटेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी जल्द ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता का विश्वास जताया है।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने अमेरिका और तालिबान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करने वाले प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। यूएनएससी के सभी 15 सदस्यों ने अमेरिका द्वारा पेश किए प्रस्ताव का मंगलवार को समर्थन किया। प्रस्ताव में समझौते की संयुक्त घोषणा का समर्थन किया गया है।
