Muzaffarnagar News: राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत, ग्रामीणों में रोष-राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने का प्रयास किया गया। चर्चा रही कि शिकार करते आरोपियों को लोगों ने देख लिया। पकड़ने की कोशिश की गई तो आरोपित गाड़ी में बैठ फरार हो गए। फोरेस्ट गार्ड ने अज्ञात आरोपियों पर संरक्षित पक्षी के शिकार के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
पोस्टमार्टम के बाद खतौली में सम्मान के साथ मोर का अंतिम संस्कार किया गया।थाना सिखेडा क्षेत्र के गांव फहीमपुर कलां में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार किया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो मृत मोर पड़ा मिला।
इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गयी। मामले में वन विभाग के जानसठ रेन्ज के वनरक्षक दीपक कुमार ने थाना सिखेडा में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।
फोरेस्ट विभाग को मिली थी मोर के शिकार की सूचना
द्बफोरेस्ट गार्ड दीपक कुमार के अनुसार ३० मई की रात्रि करीब साढ़े आठ बजे किसी युवक ने मोबाइल फोन पर सूचना दी कि वैगन आर कार में सवार कुछ व्यक्ति एक मोर को तमंचे से गोली मारकर फरार हो गये हैं। वन रक्षक दीपक कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फहीमपुर कलां के सरकारी स्कूल के पास उनको एक मोर मृत अवस्था में मिला
जिसको लेकर ग्रामीणों ने बताया कि कार सवार कुछ लोगों ने उसका शिकार किया। परीक्षण करने पर पाया गया कि मोर के गले पर घाव है। इसी बीच काफी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गये। पुलिस भी मौके पर आ गयी थी। वनरक्षक दीपक कुमार ने मृत मोर के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तहरीर पर अज्ञात कार सवारों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम १९७२ की धारा ९, ३९, ५० और ५१ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ मोर का अंतिम संस्कार-मंगलवार को मृत मोर का वन विभाग की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया। वनरक्षक दीपक कुमार ने बताया कि गांव फहीमपुर कलां से मिले मृत मोर के शव को कब्जे में लेकर उसका खतौली तहसील पर स्थित पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम सम्पन्न कराया गया। इसके बाद गणमान्य लोगों की उपस्थित में खतौली नहर के पास स्थित चीतल पार्क में राष्ट्रीय पक्षी मोर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उन्होंने बताया कि जब वह गांव में सूचना पर पहुंचे तो उनसे पहले पीआरवी और थाना पुलिस वहां पर मौजूद थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ युवक स्कूल के पास ही वॉलीबाल खेल रहे थे कि उनको अचानक ही गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वह दौड़े तो कार सवार कुछ लोग तेजी से भाग गये।
मोर की गर्दन पर प्रथम दृष्टया गोली लगने जैसा घाव-वनरक्षक का कहना है कि मोर की मौत कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चल पायेगा, लेकिन प्रथम दृष्टया परीक्षण के दौरान गोली लगने जैसा घाव नजर नहीं आया है। हो सकता है कि मोर को धारदार हथियार से चोट पहुंचाई गयी हो, मामले की छानबीन की जा रही है।
वहीं थाना प्रभारी सिखेडा ने बताया कि इस मामले की जांच एसआई सचिन शर्मा को दी गयी है। जल्द ही शिकारियों का पता कर उनको गिरफ्तार कर लिया जायेगा।


