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पिछले 24 घंटे में 1553 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 36 लोगों की मौत-स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और आईसीएमआर ने इससे जुड़े नए तथ्य और आंकड़े सामने रखे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 1553 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 36 लोगों की मौत हुई। देश में अब तक 17,262 कुल मामले हो चुके हैं। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने बताया कि लॉकडाउन को सख्त बनाए रखने के लिए राज्यों को पत्र लिखा गया है।

19 अप्रैल के बाद से 18 राज्यों में कोरोना वायरस के डबलिंग रेट बढ़े हैं। पहले 3.2 दिनों में वायरस के मरीज दोगुने हो रहे थे अब यह बढ़कर 7.5 हो गया है। आंध्र प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में डबलिंग रेट में सुधार हुआ है।गढ़वाल समेत कई जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है।इस बीमारी की अभी तक कोई दवा नहीं बनी है।

इसकी एक ही वैक्सीन है-सोशल डिस्टेंसिंग| टी बॉडी टेस्ट कितनी शक्तिशाली होगी, इसका अभी तक पता नहीं चला है इसका इस्तेमाल निगरानी के लिए किया जा सकता है, लेकिन इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है

अगर थोड़ा बहुत संख्या में कमी भी आती है, इससे बहुत ज्यादा सफलता मिलती नहीं दिख रही।पश्चिम बंगाल में कुछ टेस्ट ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिली हैं। हमें यह ध्यान रखना है कि ये पीजीआई किट अमेरिकी लैब से मान्य है|मगर हमें यह ध्यान रखना होगा कि इन किट को 20 डिग्री से कम तापमान में रखना होगा।

ऐसा नहीं करने से दिक्कत होगी। पीसीआर की रिपोर्ट पहले आ जाती है जबकि एंटी बॉडी का परिणाम आने में 15 दिन लग जाते हैं।  आरपीटीसीआर टेस्ट जब पॉजिटिव आती है, जब व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखने लगते हैं। मगर व्यक्ति में लक्षण दिखने में भी समय लगता है। यह नई बीमारी है और इसे समझने की जरूरत है क्योंकि कुछ टेस्ट की भी अपनी सीमाएं हैं।

गाइड लाइन बदलने के सवाल पर आईसीएमआर ने कहा कि अगर लक्षण नहीं दिखेंगे तो टेस्ट के पॉजिटिव आने की भी संभावना काफी कम होगी। इसलिए सभी का टेस्ट करना अभी शायद सही नहीं होगा।मुंबई में कई पत्रकारों के संक्रमित होने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जवाब दिया
संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारों को भी ग्राउंड में जाने से पहले तमाम सुरक्षा के उपाय अपनाएं।लॉकडाउन को प्रभावी तरीके पर निगरानी रख रहा है।

जहां उल्लंघन हो रहा है, वहां राज्यों से मिलकर उचित कार्रवाई की जा रही है। सभी राज्यों को पत्र लिखकर लॉकडाउन के दिशानिर्देशों को सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है|गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वे लॉकडाउन को सख्त कर सकते हैं लेकिन ढील नहीं दे सकते| कोलकाता, हावड़ा, कालिमपोंग में हालात ज्यादा खराब हैं।

कुछ राज्यों ने उन गतिविधियों को भी इजाजत दी गई थी, जिनकी गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों में अनुमति नहीं दी गई है। केरल में भी कुछ ढील दिशानिर्देशों का उल्लंघन है, इसलिए उनसे अनुरोध किया गया है कि वे इस बारे में ध्यान रखें।कुछ जिलों में कोविड19 की स्थिति गंभीर होती जा रही है। चार राज्यों में केंद्र सरकार की टीम पहुंच गई है।

इनमें आपदा प्रबंधन समेत कई सीनियर अधिकारी शामिल हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दिशानिर्देशों को तैयार किया गया है।लॉकडाउन से उबरते हुए बुआई का क्षेत्रफल काफी बढत्रा है। पिछले साल की तुलना में इस बार 36 फीसदी ज्यादा बुआई हुई है। 

 

News-Desk

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