राजपाल सैनी को Jayant Chaudhary ने दी बड़ी जिम्मेदारी- बनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह (Jayant Chaudhary) ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में खतौली से रालोद के सिम्बल पर गठबंधन प्रत्याशी रहे राजपाल सैनी को बड़ी जिम्मेदारी दी है।
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह (Jayant Chaudhary) ने रालोद से खतौली विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी राजपाल सैनी को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय लोकदल सामाजिक न्याय मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनित किया है। पूर्व सांसद राजपाल सैनी को रालोद में बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ रही है।
सैनी समाज पर पकड़
गौरतलब है कि सैनी समाज के बड़े कद्दावर नेता पूर्व सांसद राजपाल सैनी वर्ष 1994 के दौरान जनता दल को छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। वर्ष 1994 और 1998 के दौरान वह समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। वर्ष 1998 में राजपाल सैनी का समाजवादी पार्टी से मोह भंग हो गया और वह बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। बसपा सुप्रीमों मायावती ने उनकी सैनी समाज पर पकड़ को देखते हुए वर्ष 2002 में हुए चुनाव के दौरान उन्हें जनपद मुजफ्फरनगर की मोरना विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया।
दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री
थोक में मिली सैनी व अन्य समाज की वोटों के चलते चुनाव में जीत हासिल कर राजपाल सैनी मोरना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। राज्य मे मायावती सरकार जब सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री बनी मायावती ने उन्हे अपने मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री बनाया। इसके बाद जब दोबारा से बसपा की सरकार आई तो मुख्यमंत्री बनी मायावती ने पूर्व राज्य मंत्री राजपाल सैनी को उत्तर प्रदेश राज्य बीज विकास निगम का चेयरमैन बनाते हुए दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री बनाया।
बसपा के राज्यसभा सांसद
इस दौरान राजपाल सैनी ने मुजफ्फरनगर सीट से बसपा प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा का चुनाव भी लडा लेकिन हार गये। पूर्व मंत्री राजपाल सैनी की पार्टी के प्रति वफादारी को देखते हुए बसपा के राज्यसभा सांसद बने।
बसपा के हाथी की सवारी को छोड़ राजपाल सैनी ने विधानसभा चुनाव से पूर्व सपा का दामन थाम लिया था। पूर्व सांसद राजपाल सैनी को अखिलेश यादव ने खुद सदस्यता ग्रहण कराई थी।
विधानसभा चुनाव में सपा और रालोद का गठबंधन होने के बाद खतौली विधानसभा सीट रालोद के हिस्से में आई थी। रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने राजपाल सैनी को विधानसभा का टिकट दिया लेकिन वह सफल नहीं हो पाये थे।

