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मरीजों का रिकवरी रेट 20.57 फीसदी: पिछले 24 घंटे में 1684 नए मामले सामने आए

स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और एनसीडीसी ने संयुक्त संवाददाता में कोरोना वायरस को लेकर कई तथ्य सामने रखे। गृह मंत्रालय ने बताया कि छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमटीसी) के गठन के अलावा आज चार और आईएमटीसी का गठन किया गया है।

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि मरीजों का रिकवरी रेट 20.57 फीसदी है। प्रेस कांफ्रेंस में कोविड एंपावर्ड ग्रुप अधिकारी भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कल से आज तक 491 लोग ठीक हुए हैं, ठीक होने वालों की कुल संख्या 4748 हुई। 
पिछले 24 घंटे में 1684 नए मामले सामने आए हैं।

अबतक संक्रमितों की कुल संख्या 23,077 पहुंची।4748 लोग अभी तक सही हुए हैं, हमारा रिकवरी रेट 20.57 फीसदी है। पिछले 28 दिन से 15 जिलों में कोई नया केस सामने नहीं आया है। अभीतक 80 जिलों में पिछले 14 दिन से नया मामला सामने नहीं आया है।
कोरोना से अबतक 718 लोगों की मौत हुई है। कोई भी शिकायत मिलने पर हमारी रैपिड एक्शन टीम तुरंत हरकत में आ जाती है। 
ये हाउस टू हाउस सर्च करती है, और इसका डाटा रिकॉर्ड किया जाता है। 

मरीजों का उपचार होने तक उसकी निगरानी चलती रहती है, 28 दिनों तक निगाह रखी जाती है। गृह मंत्रालय ने कहा कुछ आर्थिक गतिविधियों की अनुमित इस आधार पर दी गई है कि लॉकडाउन नियमों, सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो।

कुछ ऐसी व्याख्या की जा रही थी कि किसी फैक्टरी में कोविड मरीज पाए जाने पर सीईओ को सजा हो सकती है, या फैक्टरी को तीन महीने के लिए सील किया जा सकता है, इसलिए गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमों के गठन के अलावा गृह मंत्रालय ने आज चार और आईएमटीसी का गठन किया है।इन टीमों को एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी देख रहे हैं। मुंंबई की टीम ने कहा है कि सर्विलांस की और जरूरत है। 

इंदौर टीम ने 171 कंटेनमेंट जोन के बारे में बताया है।हेल्थ प्रोटोकॉल का मजबूती से पालन किया जाए। एनसीडीसी ने कहा नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत सिंह ने कहा कि कोविड 19 से लड़ने में फिलहाल सर्विलांस हमारा प्रमुख हथियार है। 
आज हमारा डबलिंग टाइम 9 दिन तक पहुंच गया है, ये दिखाता है कि जो महामारी तेज गति से फैल रही थी उस पर हम किस हद तक अपने प्रयासों से रोक लगा पाए हैं।

 

जिला स्तर पर सर्विलांस का काम चल रहा है। सर्विलांस के जरिए हम डाटा एकत्र करते हैं और इसपर काम होता है। कोरोना वायरस के मामले कम हुए हैं। सर्विलांस सिस्टम के जरिए करीब 9 लाख 45 हजार लोगों पर नजर रखी गई। सर्विलांस सिस्टम ने प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए रखी।कोविड एंपावर्ड ग्रुप ने कहा डबलिंग रेट में सुधार हुआ है।

समय से लॉकडाउन नहीं होता तो हालात बिगड़ जाते। सर्विलांस से हमें बहुत फायदा हुआ है। अगर समय से लॉकडाउन नहीं होता तो अबतक करीब 73 हजार केस होते। 

News-Desk

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