संपादकीय विशेष

बाजार खुलने पर ली व्यापारियों ने राहत की सांस, अधिकारी व्यवस्था बनवाने मे लगे रहे

जफ्फरनगर। प्रशासन द्वारा बाजार खुलने के समय मे परिवर्तन किए जाने पर आज बाजारो मे अच्छी-खासी रौनक नजर आई। आला अधिकारियो के निर्देश पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी व्यवस्था बनवाने मे लगे रहे।

पुलिस ने कई स्थानो पर वाहन चैकिंग की तथा नागरिको से सोशल डिस्टेंसिग का ख्याल रखने की हिदायत दी। लॉड डाउन के बीच आज पहली बार सुबह सात बजे से ४ बजे तक लगभग सभी प्रकार की दुकानों को खोलने का दिन आया तो बाजारों में रौनक रही, लोगों ने खरीदारी भी की।

पान बीडी सिगरेट की दुकानों पर तलब मिटाने लोग पहुंचे। लेकिन धूप बढने के बाद बाजारों में भीड कम हो गई। हालांकि आज तमाम बाजारों में अधिकांश दुकानें खुली होने के कारण लगा कि लॉकडाउन खत्म हो गया है। हालांकि चार बजते ही बाजार फिर सूने हो गए। दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए।

बाजार खुलने के बाद भी दुकानदारों की समस्या रही कि उनके तमाम कर्मचारी अभी काम पर नहीं लौटे हैं। इसके अलावा खाने पीने के सामान की बिक्री करने वाले दुकानदारों और ठेली वालों ने काफी कम सामान बनाया क्योंकि बाजार खुलने का समय सीमित होने के कारण ग्राहकों के पूरी तरह आने का अंदेशा कम था। इस दौरान लंबे समय घर में कैद रहकर लौटने के बाद दुकानदार खुश दिखे। इस दौरान कई जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जमकर हुआ तो अनेक स्थानों पर इसका पालन न होता भी दिखाई दिया।

२४ मार्च से लगातार लॉकडाउन चल रहा है। प्रशासन के आदेश पर उसी दिन से राशन व मेडिकल स्टोर खोले जा रहे है। प्रशासन ने पहले तीन घंटे की छूट दी। लेकिन लॉकडाउन के तीसरे चरण में छूट को दो घंटे के लिए बढाया गया।

लेकिन चौथे चरण के बाद से डीएम ने बाजारों को सुबह दस बजे से चार बजे तक निर्धारित दिनों पर अलग अलग खोले जाने में छूट दी। आज पहली बार ऐसा हुआ कि तमाम दुकानों को एक साथ सुबह सात से चार बजे तक खोलने की छूट मिली। ऐसे में सुबह बाजार खुलते ही ग्राहकों की दुकानों पर भीड लग गई। लोग खाने पीने के सामान और जरूरी चीजों की खरीदारी करते नजर आए। सुबह के समय नाश्ते के सामान तैयार करने वाली दुकानों पर भी खरीदार दिखे। पान पुडिया और सिगरेट बीडी के शौकीनों की भी कमी नहीं थी।

दोपहर तक सडकों पर कई जगह वाहनां के कारण जाम भी लगा, लेकिन दोपहर में जैसे ही धूप बढी तो ग्राहक गायब हो गए। चार बजते ही फिर सें बाजारों में सन्नाटा पसर गया। सडकें सूनी हो गई। बाजार का नजारा देखकर ऐसा लगा कि लोगों को सुबह के समय ही खरीदारी करने की आदत बन गई गई। हालांकि अभी यातायात के साधन ना चलने के कारण जिले के बाहर से कम ही लोग शहर पहुंच पा रहे हैं। अभी तक अधिकांश चिकित्सक और नर्सिंग होम भी काम नहीं कर रहे हैं।

ज्ञात रहे कि गत दिवस प्रशासन ने बाजार खोलने का समय सुबह सात बजे से सायं चार बजे तक करने की घोषणा की थी। जिलाधिकारी सेल्वा कुमार जे. ने जनपद के ओरेंज जोन के अन्तर्गत चिन्हित होने के कारण दुकानों को साप्ताहिक बन्दी के दिवसों को छोडकर प्रतिदिन प्रातः ७ बजे से अपरान्ह ४ बजे तक खोलने की सशर्त अनुमति दी थी।

इनमें किरयाना, बर्तन, क्रॉकरी, जनरल स्टोर, कॉस्मेटिक, ज्वैलरी, कपडा, रेडीमेट-गारमेंट, जूता-चप्पल, स्टेशनरी, बिजली के सामान, इलेक्ट्रानिक सामान, सैनेटरी, हार्डवेयर, फ्रिज, एसी, कूलर, साईकिल, टेलर, मोबाईल शॉप, मोबाईल रिपेयरिंग, पेन्ट एवं टाईल्स, की दुकानों के अलावा भारी वाहन, छोटे वाहन की मरम्मत की दुकानें, कृषि एवं सहवर्ती उपकरणों की दुकान, सर्विस सेन्टर, स्पेयर पार्टस की दुकानें, फोटो स्टेट, फोटो स्टूडियो, जीरॉक्स, कम्पयूटर सम्बन्धी कार्य करने वाली दुकानें, डिजीटल प्रिन्टिंग, प्रिन्टिंग प्रेस एवं ड्राई क्लीनर्स की दुकाने, ऑप्टिकल की थोक एवं रिटेल की दुकाने, ट्रांसपोर्टरों के गोदाम एवं बीडी सिगरेट की दुकानें शामिल हैं।

फर्नीचर शोरूम, व फर्नीचर कारखाना, गिफ्ट सैण्टर, मोटर साइकिल स्पेयर पार्टस एवं रिपेयरिंग सेंटर तथा एल्यूमिनियम, लकडी का कार्य करने वालों की दुकानें, रिटेल मेडिकल स्टोर, एवं चिकित्सीय उपकरणों की दुकाने, दूध एवं डेयरी की दुकाने, पशु चारे, बीज एवं पेस्टीसाईड्स की दुकाने, मिठाई की दुकान भी सुबह सात बजे से सायं चार बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है।

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