देश ने 22 और एम्स स्थापित करने में तेजी से प्रगति देखी है-प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर चेतावनी दी। कोरोना वायरस महामारी के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया।
Addressing the 25th anniversary programme of RGUHS. https://t.co/tCchT1oEgA
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2020
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि महामारी की इस घड़ी में प्रथम पंक्ति में खड़े होकर वायरस से लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा या किसी भी तरीके का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 25 साल का मतलब राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अपने युवावस्था में है। यह उम्र और भी बड़ा सोचने और बेहतर करने की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर वैश्विक महामारी नहीं हुई होती तो मैं आप सभी लोगों के साथ बंगलूरू में इस विशेष दिन शामिल होता। इस समय, दुनिया डॉक्टर, नर्स, चिकित्सा कर्मियों और वैज्ञानिक बिरादरी की तरफ आशा और कृतज्ञता के साथ देख रही है। दुनिया को आपके देखभाल और इलाज दोनों की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि वायरस हमारा अदृश्य दुश्मन हो सकता है, लेकिन हमारे चिकित्साकर्मी योद्धा अपराजेय हैं। अदृश्य बनाम अजेय की लड़ाई में हमारे चिकित्साकर्मियों की जीत सुनिश्चित है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के रूप में हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। दो साल से कम समय में, एक करोड़ लोगों को इस योजना से लाभ पहुंचा है। पीएम ने कहा कि महिलाएं और गांव में रहने वाली भारत की जनता को इससे सबसे ज्यादा लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने 22 और एम्स स्थापित करने में तेजी से प्रगति देखी है।
