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कोतवाल को हटवाने की कवायद, करनी पड़ी एसएसपी की शिकायत

मुजफ्फरनगर में  हालत कुछ ज्यादा ही खराब लग रही है कि जब जिले के माननीयों को अपने पदाधिकारियों की इज्ज़त बचाने के लिए और एक कोतवाल के खिलाफ कार्यवाही के लिए लखनऊ में प्रदेश के सबसे बड़े और ताकतवर अफसर का सहारा लेना पड़ रहा है।

एक स्थानीय समाचार पत्र के अनुसार, मुज़फ्फरनगर सदर के विधायक और प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आज एक ट्वीट किया है, जिसमे उन्होंने लिखा है, “नयी मंडी थाना मुज़फ्फरनगर प्रकरण पर कल देर रात अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश अवस्थी से हुई बैठकर लम्बी वार्ता,कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना और सम्मान पहली प्राथमिकता।

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श्री अवस्थी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को फोन करके विवाद के तत्काल सम्मानजनक निस्तारण के आदेश दिए। 

 

 

इस टवीट की फोटो की सच्चाई संशय में हैं क्यों कि उनके टवीटर हैझडल पर इसका कोई जिक्र नहीं हैं। कपिल का टवीटर एकाउंट वेरीफाइड हैं जो कि इस फोटो में नहीं दिखता हैं। कपिल की फोटो भी वेरीफाइड अकाउन्ट से मेल नही खाती..मगर न्यूज नेटवर्क इस खबर का खण्डन या सटीक होने की पुष्टी नही करता हैं।

 

 

भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने वाले कोतवाल को हटाने के लिए पार्टी के जिलाध्यक्ष व अन्य माननीयों समेत खुद उन्होंने भी एसएसपी से नयी मंडी कोतवाल को हटाने के लिए कहा लेकिन जिले में एसएसपी ने कोई सुनवाई नहीं की, तब माननीय को लखनऊ में अपर मुख्य सचिव गृह से मुलाकात करनी पड़ी और एसएसपी की शिकायत करनी पड़ी

जिस पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने फोन पर वार्ता कर एसएसपी को मामले का तत्काल सम्मानजनक निस्तारण करने के आदेश दिये।

आपको बता दें कि पांच दिन पूर्व नईमंडी कोतवाली में भाजपा के जिला स्तरीय आधा दर्जन पदाधिकारियों के साथ कोतवाल योगेश शर्मा ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया था और उन्हें अपने आफिस से चले जाने को कह दिया था

जिस बात पर भाजपाईयों की कोतवाल से बहस हुई थी। केन्द्र व प्रदेश में अपनी सरकार होने के गुमान में भाजपा नेताओं ने कोतवाल को लाईन जाहिर कराने की धमकी भी दे डाली थी, लेकिन भाजपा नेताओं को इस बात का अहसास नहीं था कि इस समय सरकार भले ही भाजपा की हो, पर पुलिस किसी मंत्री व विधायक की नहीं सुन रही है

तो वे तो पार्टी के मात्र पदाधिकारी है। कोतवाली से बेइज्जत होकर निकले भाजपा के पदाधिकारियों ने कोतवाल की शिकायत केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री विजय कश्यप, विधायक विक्रम सैनी, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला से की थी और कोतवाल को तत्काल लाइन हाजिर कराने की मांग करते हुए अपना सम्मान बचाने की बात कही थी

लेकिन तीन दिन तक सभी माननीय मिलकर भी कोई कार्यवाही नहीं करा सके थे और एसएसपी ने उन्हें टरका दिया था, जिलाध्यक्ष समेत भाजपाईयों को इस मामले में बेइज्जती महसूस हो रही है। तीन दिन की मशक्कत के बाद, तीन दिन पहले जेल चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात कहकर एसएसपी ने भाजपाईयों को आश्वासन की घुट्टी पिला दी थी, लेकिन सच्चाई यह है कि चौकी प्रभारी को हटाने का कोई भी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है और न ही किसी नये चौकी प्रभारी की नियुक्ति हुई है

जिससे शंका है कि चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात भी केवल भाजपाईयों का गुस्सा शांत करने के लिये ही की जा रही है। एसएसपी अपनी हर नियुक्ति की जानकारी मीडिया सेल के माध्यम से रोज देते है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक इस बारे में उनका कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

समाचार लिखे जाने तक कल रात कराये गए इस फोन की खबर का भी कोई असर जिले में कहीं नज़र नहीं आया है।

भाजपाई नई मंडी कोतवाली को नहीं हटवा सके, मगर जेल चौकी प्रभारी लाइन हाजिर हुए

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