व्हाट्सएप केंद्र सरकार को 2021 में दिए गए अपने इस हलफनामे को व्यापक रूप से सार्वजनिक करे- Supreme Court
Supreme Court ने बुधवार को व्हाट्सएप को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार को 2021 में दिए गए अपने इस हलफनामे को व्यापक रूप से सार्वजनिक करे. वह बताए कि उसकी नई निजता नीति पर सहमति नहीं जताने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग की सीमा तय नहीं करेगा.
व्हाट्सएप ने बुधवार को Supreme Court में बताया कि लोग उसकी 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से बाध्य नहीं हैं और ना ही नए डेटा कानून आने तक ऐप के काम पर असर होगा. इस पर कोर्ट ने व्हाट्सएप को निर्देश दिए कि वह इस बारे में 5 नेशनल अखबारों में विज्ञापन जारी करे, जिससे लोगों को इस बारे में पता चल सके.
व्हाट्सऐप ने 22 मई, 2021 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को लिखे एक पत्र में सरकार को आश्वासन दिया था कि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है और यह उपयोग की सीमा तय नहीं करेगी.Supreme Court कर्मण्य सिंह सरीन और श्रेया सेठी नामक छात्रों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी
जिसमें व्हाट्सऐप और उसकी मूल कंपनी फेसबुक के बीच उपयोगकर्ताओं की कॉल, तस्वीरें, संदेश, वीडियो और दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिए हुए समझौते को चुनौती दी गई थी और इसे लोगों की निजता तथा बोलने की आजादी का उल्लंघन करार दिया गया था.
Supreme Court न्यायमूर्ति के एम जोसफ के नेतृत्व वाली पांच जजों की पीठ ने व्हाट्सऐप से कहा कि सरकार को दिए गए हलफनामे को सार्वजनिक करने के लिए पांच अखबारों में विज्ञापन दिया जाए. पीठ में न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार भी शामिल रहे.
पीठ ने कहा, ‘‘हम पत्र में (सरकार को लिखे गए) अपनाए गए रुख पर संज्ञान ले रहे हैं और व्हाट्सऐप के वरिष्ठ वकील की दलीलों पर संज्ञान ले रहे हैं कि वे सुनवाई की अगली तारीख तक पत्र की शर्तों का पालन करेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम व्हाट्सऐप को यह निर्देश भी देते हैं कि इस पहलू के बारे में पांच राष्ट्रीय अखबारों में दो बार व्हाट्सऐप के उपभोक्ताओं को जानकारी दी जाए.’’
Supreme Court पीठ ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 11 अप्रैल की तारीख निर्धारित की. केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि संसद भी व्हाट्सऐप मामले को देख सकती है.

