पाकिस्तान ने टेरर फंडिंग रोकने के लिए सहकारी समितियों पर बिल पास किया
पाकिस्तान ने हाल ही में एक बिल पास किया है, जिससे वो एफएटीएफ की काली सूची में खुद का नाम आने से बचा सके। वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर निगरानी रखने वाली वैश्विक संस्था एफएटीएफ का काली सूची में पाकिस्तान का नाम ना आए
इसके लिए पाकिस्तान संसद ने सहकारी समितियों के पंजीकरण और पारदर्शिता लाने के लिए एक बिल पास किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संसदीय मामलों के सलाहकार बाबर अवान ने संसद में को-ऑपरेटिव सोसाइटीज (संशोधन) बिल पेश किया।
बाद में ये बिल संसद से पास कर दिया गया। बता दें कि एफटीएएफ की कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान पहले भी ऐसे तीन विधेयक ला चुका है। हालांकि इन तीनों बिलों में से एक पास नहीं हुआ है।
अगस्त के शुरुआती हफ्ते में आपसी कानूनी सहायता (आपराधिक मामला) 2020 लागू किया गया था, ये बिल दो देशों के आदान-प्रदान से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा पाकिस्तान ने 30 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संशोधन विधेयक और आतंकवाद रोधी संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया था।
वहीं एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (दूसरा संशोधन) बिल और इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी वक्फ प्रॉपर्टीज को पिछले महीने पाकिस्तान के विपक्षी बहुल सीनेट ने खारिज कर दिया था।
पाकिस्तान में जासूस के तौर पर गिरफ्तार कुलभूषण जाधव को अपनी फांसी के खिलाफ अपील के लिए चार महीने और मिल गए हैं। अब वो किसी भी हाईकोर्ट में अपनी सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे। पाकिस्तानी संसद ने इस फैसले की अवधि चार महीने और बढ़ा दी है।
