मुजफ्फरनगर में जीएसटी सर्वे के विरोध में उतरे व्यापारी
मुजफ्फरनगर। उद्योग व्यापार मण्डल नगर इकाई के पदाधिकारियों द्वारा ज्वाईट कमिश्नर जीएसटी को वाणिज्य कर आयुक्त जीएसटी लखनऊ के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने जीएसटी विभाग को 10 व्यापारियों को प्रतिमाह सर्वे करने के अधिकार दिए जाने की मांग की ।
बुधवार को उद्योग व्यापार मण्डल 1980 से बिक्री कर के सर्वे का विरोध, उसके बाद वेट सर्वे का विरोध करता रहा है । इसी प्रकार अब हम जीएसटी सर्वे का भी पुरजोर विरोध करते है।
हमने गत वर्षों में यह प्रमाणित कर दिया है कि सर्वे से विभाग का राजस्व नही बढ़ रहा है और इसी आधार पर जनरल सर्वे और विशेष अनुसंधान सर्वे की शाखाओं पर तमाम सरकारों ने रोक लगा दी थी।
जिसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया था। 1 जुलाई 2017 में जीएसटी तब से वो हर साल राजस्व बढ़ाकर दे रहा है। और कोई सर्वे भी नहीं हो रहा है। व्यापारी अपनी इमादारी का परिचय दे रहा है।
आदेश पढ़कर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को आश्चर्य हुआ कि आपने न केवल एसबीआी का सर्वे करने का आदेश दिया है बल्कि प्रत्येक यूनिट को 10 सर्वे करने का कोटा भी निर्धारित कर दिया है।
यह अप्रजातंत्रिक और व्यवहारिक आदेश है। पिछली किसी भी सरकार या अधिकारी द्वारा सर्वे कोटा निर्धारत नहीं किया गया। उन्होंने का कि व्यापार मंडल 1980 से लगातार सर्वे के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने वाणिज्य कर आयुक्त जीएसटी लखनऊ से आदेश को वापिस करने की मांग की ।
इस दौरान राजकुमार नरूला, अशोक कंसल, राकेश गर्ग, अजय सिंघल, श्याम सिंह सैनी, प्रवीण खेडा, संजय मित्तल, सुनील तायल, बाबुराम मलिक, सुलखन सिंह, दिनेश बंसल, अजय गुप्ता, यश कपूर, अमित महेंदू, विकास अग्रवाल, अमित मित्तल, हर्षवर्धन गोयल, बिजेंद्र धीमान, विक्की चावला, राजिंदर कुमार, अलका शर्मा आदि उपस्थित रहे।
