विश्व हिंदू महासंघ द्वारा वेबिनार: राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ के संकल्पों को पूरा करने के लिए संकल्पित-भिखारी प्रजापति
गोरखपुर- राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने वेबिनार के बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि जिस दिन कर्म आधारित व्यवस्था को जन्म आधारित व्यवस्था में बदल दिया गया उसी दिन से हमारी सामाजिक समरसता की कड़ी कमजोर होने लगी और यही कमजोर कड़ी हमारी सारी श्रेष्ठता पर भारी पड़ती गई
यह कमजोर कड़ी जब चाहे तब हमें गुलाम बना देती है, हमें इसे सशक्त बनाना होगा.उक्त बातें विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ साप्ताहिक पुण्यतिथि कार्यक्रम के अंतर्गत आज छठवें दिन सामाजिक समरसता हिंदुत्व का प्राण है विषय पर आयोजित वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ प्रदीप राव ने कही.
आगे उन्होंने कहा कि, राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी की पुण्यतिथि के अवसर पर यदि सामाजिक समरसता कार्यक्रम का हिस्सा न बने तो कार्यक्रम अधूरा सा लगता है।
डा राव ने पितृपक्ष के अवसर पर पितरों को जलांजलि , ब्रह्मलीन महंत जी को भावांजलि तथा भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, भगवा वस्त्र धारण कर लेना, निश्चित आकार के झंडे लगा लेना या केवल विशेष समूह में पैदा होना ही हिंदुत्व नहीं है, हिंदू सनातन जीवन पद्धति है फिर गांव गली कस्बों में हिंदुत्व के विषय में चर्चा करने में संकोच कैसा?
भारत में हिंदुत्व ही राष्ट्रीयता है। यह राष्ट्र अपनी संस्कृति के साथ ही जीता है और मरता है। हमारी संस्कृति में स्वयं शुद्धिकरण की छूट है। रामायण, गीता पर भी प्रश्न उठाए जाते हैं
शुद्धिकरण की दिशा में हम स्वीकार भी करते हैं। विविध पूजा पद्धतियों के साथ ही साथ वसुधैव कुटुंबकम की भावना हमारी सामाजिक समरसता का मूल मंत्र है।
राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समरसता के लिए जो व्यावहारिक प्रयोग किया उसे समाज में एक जबरदस्त क्रांति आई। आज विश्व हिंदू महासंघ उसी क्रांति की लौ लेकर सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहा है।
अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री भिखारी प्रजापति ने कहा कि महासंघ राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी के संकल्पों को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है।
डॉ राव के उद्बोधन को कार्यकर्ता साथियों ने यूट्यूब व फेसबुक पर भी देखा। संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष श्री श्यामबिहारी अवस्थी ने किया। महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष महंत मुकेश नाथ जी ने आभार व्यक्त किया।
इस वेबीनार में गुजरात से कांतिलाल साखरे , मध्य प्रदेश से श्रीमती नीलम मिश्र इत्यादि कई प्रदेश इकाइयों के साथी जुड़े रहे।
