दवा व्यापारी अनुज कर्णवाल की हत्या मामले में सपाइयों का प्रदर्शन, नेताओं के साथ पुलिस कर्मियों की तीखी झड़प
मुजफ्फरनगर। सपाईयो ने मोरना मे मारे गए मैडिकल स्टोर संचालक अनुज कर्णवाल की हत्या के मामले मे हत्यारोपियो की यथाशीघ्र गिरफ्तारी मांग को लेकर एवं संसद मे पारित किए गए किसानो व श्रमिको के कानूनों को उनके हितो पर प्रहार करने वाला करार देते हुए सपाईयो ने कचहरी स्थित डीएम कार्यालय पहुंच कर राज्यपाल को सम्बोधित एक ज्ञापन सौपा।
दवा व्यापारी अनुज कर्णवाल की हत्या मामले में सपाइयों का प्रदर्शन।बदमाशो की अभी तक हुई गिरफ्तारी। कर्णवाल की पत्नी को सरकारी नोकरी व 50 लाख मुआवजे की मांग। प्रदर्शन कर रहे दर्जनों को @muzafarnagarpol ने किया गिरफ्तार।व्यापारियो की सुरक्षा करने में @BJP4UP हुई फेल: @samajwadiparty pic.twitter.com/jbJKtmWnlz
— News & Features Network-Regional News (@mzn_news) September 26, 2020
शनिवार को समाजवादी पार्टी व्यापार सभा ने प्रदेश में व्यापारियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों और लूट व हत्या जैसी संगीन वारदातों के साथ ही मोरना के दवा व्यापारी अनुज कर्णवाल हत्याकांड में पुलिस प्रशासन की विफलता को लेकर प्रदर्शन किया।
सपा व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष राहुल वर्मा के नेतृत्व में इस प्रदर्शन के लिए पार्टी के सभी बड़े नेता और सैंकड़ों कार्यकर्ता महावीर चौक स्थित कार्यालय पर जुटने लगे थे। यहां से १२ बजे कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय तक सपा नेताओं ने पैदल मार्च की घोषणा की थी, जिससे पुलिस प्रशासन में भी हलचल मची रही।
महावीर चौक पर भारी पुलिस बल को पहले से ही तैनात कर दिया गया था। इस प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के रूप में सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष विधायक संजय गर्ग भी शामिल हुए।
कार्यालय से प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सपा कार्यकर्ता जैसे ही कलेक्ट्रेट जाने के लिए सड़क की ओर पहुंचे तो वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने सपाईयों के इस काफिले को लाठी के जोर पर वहीं पर थामने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।
यहां पर पार्टी के कुछ नेताओं के साथ पुलिस कर्मियों की तीखी झड़प हुई और कार्यकर्ताओं व पुलिस कर्मियों ने जमकर धक्का मुक्की की।
पुलिस द्वारा जबरन रोकने को लेकर सपा नेताओं ने भारी विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अपना फेलियर छिपाने के लिए लाठी के जोर पर जनता की आवाज को दबाने का काम कर रहा है।
सपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और कार्यकर्ता लगातार प्रशासन और शासन के इस दमनात्मक रवैये का विरोध करने के लिए सड़कों पर आयेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट जाने से रोका गया तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ बेमियादी आंदोलन किया जायेगा।
इसके बाद यहां पहुंचे पुलिस अफसरों ने सपा के वरिष्ठ नेताओं से वार्ता की और पुलिस के साथ एक प्रतिनिधिमण्डल को कलेक्ट्रेट ले जाने की बात पर सहमति बनी।
वहीं पुलिस की कार्यवाही का कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते हुए विरोध कर रहे थे। इन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने महावीर चौक पर गिरफ्तार कर लिया और उनको पुलिस लाइन ले जाया गया।
यहां पर घंटों तक सपा कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में रहे। गिरफ्तार किये गये सपाईयों में जिया चौधरी, साजिद हसन, अलीम सिद्दीकी, टीटू पाल, डा. इसरार अली, सचिन अग्रवाल, पवन बंसल, शमशाद अहमद, दीपक गम्भीर, विनय पाल प्रमुख, लियाकत अंसारी, अमरनाथ पाल, शौकत अंसारी, गोल्डी अहलावत, फरमान त्यागी, पवन पाल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
दूसरी ओर सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय गर्ग, सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, गौरव स्वरूप, लियाकत अली, पूर्व विधायक मिथलेश पाल और राहुल वर्मा पुलिस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे
और प्रदेश सरकार की नीतियों तथा जिला प्रशासन के रवैये के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एडीएम प्रशासन अमित सिंह को सौंपा।
शासन व प्रशासन फर्जी एनकाउंटर करने में लगा है और अपराधी सर चढ़कर बोल रहे हैं
दवा व्यापारियों ने मोरना में मृतक अनुज कर्णवाल के परिवार लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की
