Muzaffarnagar News: हर हर महादेव के जयघोष के साथ बढे शिवभोले
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। शहर मे हर-हर महादेव के जयघोष के बीच शिवभक्त कंावडियो का शहर मे आगमन शुरू हो गया है। कंावडियो के प्रवेश से शहर मे धर्ममय माहौल बनता जा रहा है। शासन के निर्देशो के चलते एक और जहंा जिला पुलिस प्रशासन कंावड यात्रा की सफलता हेतु विभिन्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने मे जुटा है।
वहीं दूसरी और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाए भी इस और सक्रिय हो चली हैं। अर्थात संस्थाए शिवभक्तों की सेवा हेतु उनके लिए भोजन, जलपान, चिकित्सकीय सेवा,उनके विश्राम व स्नान आदि सेवाओं के लिए व्यवस्था दुरूस्त करने मे लगे हैं। ताकि शिवभक्तो को बेहतर सेवाएं प्रदत्त की जा सकें।
उल्लेखनीय है कि पवित्र श्रावण माह मे चलने वाली उत्तर भारत की पवित्र कंावड यात्रा अपने आप में एक अनूठा धार्मिक कार्यक्रम है। कंावड यात्रा की सफलता हेतु शासन के निर्देशो के अनूरूप जिला स्तर पर व्यवस्था करायी जाती हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कंावडियो मे दिल्ली, राजस्थान,पंजाब, हरियाणा आदि विभिन्न प्रान्तो के कंावडिये शामिल रहते हैं। जो हरिद्वार से चलकर नगर की हृदय स्थली शिवचौक स्थित भगवान आशुतोष की परिक्रमा कर अपने गंतव्य की और बढ जाते हैं।
धर्मनगरी मुजफ्फरनगर में कांवड यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह धर्ममय हो जाता है। कंावड यात्रा के दौरान बाजारों व दुकानो पर ज्यादा काम नही रहता है। जिसके चलते व्यापारी,कारोबारी, युवा, एनसीसी कैडेटस आदि सभी शिवभक्तों की सेवा मे जुट जाते हैं। आला आईजी, डीआईजी,डीएम एवं एसएसपी आदि आला अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में प्रत्येक वर्ष कंावड यात्रा को सम्पन्न कराया जाता है।
दो माह का होगा श्रावण मासः संजीव शंकर
सामान्य रूप से श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का विशेष माह माना गया है इस वर्ष अधिक मास श्रावण मास में ही पड़ रहा है अधिक मास भगवान विष्णु को अति प्रिय है इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा गया है, महामृत्युंजय सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव शंकर जी महाराज ने कहा कि वैसे तो सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष की संख्या को बराबर करने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष में यह अधिक मास पड़ता है, परन्तु यह अमूल्य अवसर हमें सामान्य रूप से ही मिल रहा है इस अवसर को व्यर्थ ने जाने दें।
४ जुलाई मंगलवार से प्रारंभ होने वाला श्रावण मास ३१ अगस्त दिन बृहस्पतिवार को प्रातकालीन समाप्त होगा, इस बार श्रावण मास के आठ सोमवार है,५९ दिन है, श्रावण मास की शिवरात्रि १५ जुलाई शनिवार को वे अधिक मास के कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि १४ अगस्त सोमवार को है, शिव की कृपा प्राप्ति के लिए अनेक उपाय कर सकते हैं जैसे प्रतिदिन शिवालय जाकर जल से अभिषेक,घ् नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र या कोई शिव मंत्र(लगभग २१ माला प्रतिदिन) का जाप, संपूर्ण श्रावण मास व्रत रख सकें तो बहुत अच्छा फिर भी सावन के सोमवार महत्वपूर्ण है
अति सोमवार व्रत प्रारंभ कर सकते हैं,विभिन्न विभिन्न इच्छाओं के लिए विभिन्न विभिन्न वस्तुओं (गन्ने का रस, दूध, दही, शहद, घी,गंगाजल,पंचामृत, तेल इत्यादि) से अभिषेक, एक निश्चित संख्या १०८ पुष्पों(कनेर, हरसिंगार, मदार, चमेली, गुलाब, आलसी) के पुष्प द्वारा शिवालय की सजा, बिल्व पत्र, शमी, पीपल,वट इत्यादि के पत्रो को निश्चित संख्या में चढ़ने का विशेष महत्व है, शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव की उपासना में मस्तक पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष व मुख में शिव नाम शिव उपासना की त्रिवेणी मने गए हैं।

