Chitrakoot एनकाउंटर करने की धमकी देकर थर्ड डिग्री, 50 हजार रूपए की उगाही का प्रयास
Chitrakoot अनुसूचित जाति के युवक को घर से पकड़ कर लाने और एनकाउंटर करने की धमकी देकर पैसे मांगने के मामले में विशेष न्यायाधीश ने कर्वी कोतवाली के उप निरीक्षक, दो सिपाहियों समेत तीन अज्ञात पुलिस कर्मियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं, साथ ही मामले की नियमानुसार जांच कर 60 दिन के अन्दर आरोप पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है.
अधिवक्ता रामकृष्ण ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत डेलौरा गांव के कैम्प का पुरवा निवासी अनुसूचित जाति का प्रेमचन्द्र पुत्र स्व भगवानदीन ट्रैक्टर से जुताई कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है.
बीती 25 जुलाई 2023 की शाम पांच बजे कर्वी कोतवाली के उप निरीक्षक मुन्नीलाल, कांस्टेबल जय नारायण पटेरिया व राहुल देव तीन अन्य सिपाहियों के साथ उसके घर पहुंच गए. इन लोगों ने गाली गलौच करते हुए और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए प्रेमचन्द्र को एनकाउंटर करने की धमकी देते हुए 50 हजार रूपए की उगाही का प्रयास करने लगे.
इस दौरान पुलिस कर्मियों ने प्रेमचन्द्र की पत्नी और बच्चों से भी बदसलूकी की और इसके बाद उसे चार पहिया वाहन में जबरन बैठाकर ले आए. कोतवाली में बंद करने के बाद प्रेमचन्द्र को बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसका दाहिना पैर टूट गया. प्रेमचन्द्र के परिजनों द्वारा 50 हजार रूपए देने पर वीडियो बनाकर खेत में काम करने के कारण पैर टूटने का बयान दिलाकर उसे 26 जुलाई को इलाज के लिए छोडा गया.
मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीडित ने कोतवाली में जाकर प्रयास किया, किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने सरकारी अस्पताल में अपना एक्स-रे कराकर इलाज कराया, साथ ही पंजीकृत डाक के जरिए पुलिस अधिकारियों को सूचित किया इसके बाद भी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी
जिसके चलते पीडित ने न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया. जिसकी सुनवाई करने के बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने धारा 156 (3) का आवेदन पत्र स्वीकार कर लिया.

