Qatar: अधिकारियों से संपर्क में हैं भारतीय अफसर, Navy officers को मिला काउंसलर एक्सिस
Qatar: भारत के आठ पूर्व नौसिकों को मौत की सजा सुनाए जाने के मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी है कि इस सवंदेनशील मामले में भारत की ओर से अपील फाइल की गई है और भारतीय अफसर कतर में अधिकारियों से संपर्क में हैं.
कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूरेनेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर जेल में बंद हैं, जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई है. वे सभी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज में काम कर रहे थे, जो एक ओमानी नागरिक, रॉयल ओमानी वायु सेना के सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर के स्वामित्व वाली एक रक्षा सेवा प्रदाता कंपनी है.
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— Arindam Bagchi (@MEAIndia) November 9, 2023
विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि जजमेंट गोपनीय है. ये लीगल टीम के साथ साझा की गई है. साथ ही भारत ने अपील दाखिल कर दी है. हम कतर के अधिकारियों के साथ संपर्क में है और उनके परिवार के साथ भी संपर्क में है. विदेश मंत्री ने भी उनके साथ मुलाकात की थी. 7 नवंबर को काउंसलर एक्सिस मिला और हम उन आठ भारतीयों से मिले हैं. ये मामला बहुत ही संवेदनशील है उस इस पर ज्यादा कयास न लगाए जाएं.
कतर की अदालत ने जिन आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई है, वे सभी भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं. ये आठों नौसेना के पूर्व अधिकारी पिछले साल यानी अगस्त 2022 से ही कतर की जेल में बंद हैं. हालांकि, उनका क्या गुनाह है, अबतक तक यह पता नहीं चल पाया है.
उनके खिलाफ आरोपों को कतर के अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया है. आठों भारतीय निजी कंपनी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीस एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे. कतर में भारत के राजदूत ने इसी साल एक अक्टूबर को जेल में इन कर्मियों से मुलाकात की थी.

