सर्द रातों में लोगों का ठिकाना बन रहे आश्रय स्थल, रात के समय लोगों के आने का सिलसिला शुरू
मुजफ्फरनगर। धीरे-धीरे ठंड बढ़ती जा रही है। ऐसे में जिन लोगों को रात गुजारने के लिए छत नहीं मिलती उनके लिए शहर में संचालित हुए तीन आश्रय स्थल वरदान साबित हो रहे हैं।
शहर में एक स्थाई तथा दो अस्थाई आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। तीनों स्थानों पर रात के समय लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। रात के समय पारा लगातार नीचे गिरता जा रहा है।
जिन लोगों के सिर पर छत नहीं उनके लिए ठंड का मौसम किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। शासन के निर्देश पर नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में लोगों को रात गुजारने के लिए सुविधा देने के दृष्टिगत शहर में जानसठ रोड ओवर ब्रिज तथा साईं धाम मंदिर के सामने दो अस्थाई रैन बसेरों का निर्माण कराया गया है।
जिनमें 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है, जबकि रेलवे रोड पर पहले से ही स्थाई विश्राम गृह संचालित है। नगर पालिका परिषद के निर्देशन में तीनों विश्राम स्थल या रैन बसेरों का प्रबंधन आदर्श सेवा समिति के तत्वावधान में किया जाता है। संचालक योगेन्द्र कुमार शर्मा का कहना है कि दोनों अस्थाई रैन बसेरों में रात गुजारने के लिए लोग आ रहे हैं।
बताया कि स्थाई विश्राम गृह में कोविड-19 टेस्ट कराकर नेगेटिव आने वालों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि अस्थाई रैन बसेरों में कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसका कोई आश्रय स्थल नहीं रात गुजार सकता है।
अस्थाई रैन बसेरों में आने वालों के लिए कोविड-19 टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है। रेलवे रोड स्थित स्थाई आश्रय स्थल पर रात गुजारने पहुंचे दुष्यंत ने बताया कि दिन भर काम में समय गुजारने के बाद वह रात गुजारने के लिए वहां आते हैं।
संचालक की ओर से वहां एक कंबल भी दिया जाता है तथा सुबह के समय उन्हें शौचालय जाने की सुविधा भी मिल जाती है।
फरमान ने बताया कि स्थाई आश्रय स्थल पर रात के समय ठंड नहीं लगती तथा नियमों का पालन करते हुए वे वहां रात गुजारते हैं। बताया कि आने से पूर्व उसका कोविड टेस्ट कराया गया था। नेगेटिव आने के बाद ही उसे नियमित रूप से रात गुजारने दी जा रही है।
