विभिन्न समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में Indian Navy ने 100 से अधिक लोगों को बचाया
समुद्र में लुटेरों के खिलाफ Indian Navy बीते तीन महीनों से ऑपरेशन संकल्प चला रही है. भारतीय नौसेना के अध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार ने शनिवार को नौसेना की ओर से बीते 100 दिनों में समुद्री लुटेरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र किया.
Indian Navy ऑपरेशन संकल्प के 100 दिन पूरे होने पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. मीडिया से बात करते हुए एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नौसेना सकारात्मक कार्रवाई करेगी. नौसेना ने कहा कि विभिन्न समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में Indian Navy ने 100 से अधिक लोगों को बचाया है
जिनमें 27 पाकिस्तान के और 30 ईरानी नागरिक भी शामिल हैं. इसी कड़ी में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने समुद्र में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज को निशाना नहीं बनाया है.
मीडिया से बात करते हुएIndian Navy ने कहा कि ऑपरेशन संकल्प और अन्य अभियानों के तहत भारतीय नौसेना ने समुद्र में हूती लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन में 110 लोगों की जान बचाई है. नौसेना ने कहा कि जिन लोगों की जान बचाई गई है उनमें 45 भारतीय नागरिक हैं और 65 दूसरे देश के निवासी है.नौसेना ने कहा कि नौसेना ने विद्रोहियों के 13 हमलों का भी जवाब दिया है. इसी कड़ी में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा है कि भारतीय नौसेना समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा तथा इसे और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
Indian Navyस्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना अपने काम के बारे में बहुत स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि यह हिंद महासागर है, जिसका नाम हमारे नाम पर रखा गया है, और अगर हम कार्रवाई नहीं करेंगे, तो कौन करेगा… नौसेना ने बताया कि दिन में आईएनएस कोलकाता सोमालिया के तट पर हाल ही में एक अभियान के दौरान पकड़े गए 35 समुद्री लुटेरों को लेकर मुंबई पहुंचा. इन समुद्री लुटेरों को भारतीय कानूनों, विशेष रूप से समुद्री डकैती रोधी अधिनियम, 2022 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया.
Indian Navy प्रमुख ने रेखांकित किया कि भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर नौसेना ने मध्य-समुद्र में नाटकीय रूप से अभियान को अंजाम दिया. उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान नौसेना ने अपने युद्धपोत आईएनएस कोलकाता, लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम समुद्री निगरानी विमान ड्रोन, पी -8 आई की तैनाती की और वायु सेना के विमान सी-17 के जरिये मार्कोस कमांडो को उतारकर तीन महीने से अपहृत विशाल जहाज को मुक्त कराया.
Indian Navy ने बताया कि नौसेना ने भारतीय तट से लगभग 2,600 किलोमीटर दूर लगभग 40 घंटे के अभियान में माल्टा के पूर्व ध्वज वाले जहाज को अपने कब्जे में लिया और बंधक बनाए गए उसके चालक दल के 17 सदस्यों को मुक्त कराने के साथ 35 सशस्त्र समुद्री डाकुओं को पकड़ लिया. विशेषज्ञों के मुताबिक यह सोमालियाई समुद्री लुटेरो से गत सात साल में किसी मालवाहक जहाज को मुक्त कराने का पहला सफल अभियान है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Indian Navy अरब सागर में अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए क्षेत्र में निगरानी विमानों के साथ 10 युद्धपोत तैनात किए हैं.

