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Muzaffarnagar: डॉ कीर्ति वर्धन अग्रवाल की तीन पुस्तकों का लोकार्पण, भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं राष्ट्रवाद एवं परिवारवाद पर जोर

मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar) वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कीर्ति वर्धन अग्रवाल की तीन पुस्तकों मेरे आराध्य राम, मेरी लोकप्रिय कविताएं, एवं सतरंगी कविताऐं का लोकार्पण श्री राम ग्रुप आफ कॉलेज के श्रोताओं व अतिथियों से खचाखच भरे सभागार में किया गया। तीन घंटे तक चले भव्य आयोजन में बीस वक्ताओं ने अपने विचार व शुभकामनाएँ व्यक्त की।

इस भव्य आयोजन में कई जनपदों के वरिष्ठ साहित्यकार सम्मिलित हुए।संस्कृत के प्रकांड विद्वान एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ उमाकांत शुक्ल ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर एस एन चौहान(जिला अध्यक्ष संस्कार भारती मुजफ्फरनगर इकाई), महेंद्र आचार्य (प्रांतीय उपाध्यक्ष, मेरठ प्रांत, संस्कार भारती), वरिष्ठ समाजसेवी डॉक्टर सुभाष शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार राकेश कौशिक, वरिष्ठ हिंदी प्रवक्ता डॉक्टर रश्मि विनायक एवं कवियत्री प्रतिभा त्रिपाठी सम्मिलित रही।कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वल व माल्यार्पण कर किया गया।

कवित्री पूजा गोयल ने माँ सरस्वती की मधुर वंदना की। तत्पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों को शॉल ओढ़ा कर एवं पुष्पमाला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह व श्री राम लला का फोटो देकर सम्मानित किया गया। सभागार में उपस्थित अतिथियों, कवियों एवं साहित्यकारों ने डॉक्टर कीर्ति वर्धन अग्रवाल को सोल ओढ़ाकर पटका पहनाकर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर अपनी शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ प्रेषित की। प्रथम वक्ता के रूप में कवित्री प्रतिभा त्रिपाठी ने डॉक्टर कीर्ति वर्धन अग्रवाल की पुस्तक मेरी लोकप्रिय कविताएँ की समीक्षा की। डॉ रश्मि विनायक ने सतरंगी कविताएँ के क्लेवर फ्लेवर पर विस्तृत सारगर्भित विश्लेषण किया 

श्री राकेश कौशिक जी ने मेरे आराध्य राम की समीक्षा करते हुए पुस्तक में वर्णित रामायण के विभिन्न पात्रों पर चर्चा करते हुए पुस्तक की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेरे आराध्य राम नाम की यह पुस्तक घर घर में पहुँचनीं चाहिए।वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार पं रामकुमार रागी ने डॉ कीर्ति वर्धन की लेखन शैली, भाषा शैली एवं व्याकरण एवं उनके भाव प्रभाव को व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर कीर्ति वर्धन अग्रवाल की कविताओं में भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं राष्ट्रवाद एवं परिवारवाद पर किस प्रकार जोर दिया गया है। उन्होंने डॉक्टर कीर्ति वर्धन अग्रवाल के निर्भीक एवं निष्पक्ष कवि होने की भूरि भूरि प्रशंसा की।

सभा अध्यक्ष डॉ उमाकांत शुक्ला ने डॉ कीर्ति वर्धन अग्रवाल के व्यक्तित्व व्यवहार एवं लेखन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि डॉक्टर साहब की कविताएं, पुस्तक न केवल हमारे जनपद में बल्कि कई अन्य जनपद,प्रदेशों एवं विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। भारत के अतिरिक्त कई अन्य देशों में सम्मानित डॉक्टर साहब ने अपनी एक अलग विशिष्ट पहचान कायम की है। यह हमारे लिए अभियान एवं सम्मान की बात है। श्रीमती लक्ष्मी डबराल, सुमन प्रभा एवं सुमन युगल ने डॉक्टर साहब की पुस्तकों से गीत प्रस्तुत किये।

कार्यक्रम में बुलंदशहर से अरविंद भाटी, श्रीमती संगीता अहलावत, मेरठ से संस्कार भारती मेरठ इकाई के कोषाध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, इलाहाबाद बैंक मेरठ शाखा से सेवानिवृत शाखा प्रबंधक राकेश बंसल, विनीत गोयल, सुचित्रा सैनी, डॉक्टर सीमा सिंह, श्रीमती कमलेश शर्मा, अनुज फतेह , कांति राठी प्रकाश सूना, यशपाल सिंह विश्वबंधु, वरिष्ठ पत्रकार श्री गोविंद वर्मा, सुनीता सोलंकी, प्रवीण सैनी, अंबरीश गर्ग, वीणा गर्ग, श्रीमती संध्या मलिक, मनु स्वामी, योगेन्द्र सोम, अनुज माहेश्वरी सुनील दत्त शर्मा, अतुल गुप्ता विपुल शर्मा आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में डॉक्टर कीर्ति वर्धन अग्रवाल की पत्नी श्रीमती रजनी अग्रवाल,भतीजे अभिषेक अग्रवाल एवं बहू श्रीमती साक्षी अग्रवाल भी उपस्थित रही।डॉ अग्रवाल के पोते विद्यांस ने डॉक्टर साहब को माला पहनाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन पंकज शर्मा ने किया। अंत में डॉक्टर कीर्ति वर्द्धन अग्रवाल ने सभी अतिथियों व पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।

 

A. Kirti Vardhan

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन वरिष्ठ साहित्यकार हैं। जिनके लेखन और चिन्तन का दृष्टिकोण मानवता व राष्ट्रवादी हैं। संस्कारों और सभ्यता संस्कृति के समर्थक पोषक व प्रेरक Kirti Vardhan की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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