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Muzaffarnagar में एचआईवी/एड्स जागरूकता का महाकुंभ: युवा फेस्ट में रेड रिबन क्विज ने बढ़ाया जोश, सीएमओ ने कहा – ‘हर व्यक्ति को अपना एचआईवी स्टेटस पता होना चाहिए’

Muzaffarnagar जनपद के युवाओं को एचआईवी/एड्स के प्रति सजग और सशक्त बनाने की एक ऐतिहासिक पहल ने सोमवार, 19 अगस्त, 2025 को राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में रंगीन और ज्ञानवर्धक रूप लिया। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देशन में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘युवा उत्सव’ कार्यक्रम का केंद्र बिंदु थी रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता, जिसने न केवल प्रतिभा का प्रदर्शन किया बल्कि सैकड़ों युवा मन में सुरक्षित और जागरूक जीवन का बीजारोपण भी किया।

एक उद्देश्य, एक संकल्प: एड्स मुक्त भविष्य की ओर कदम

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद्र गुप्ता और कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री सुभाष की उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया, जो एक स्वस्थ और हरे-भरे पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक था।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया का ओजस्वी संदेश

डॉ. तेवतिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा कि एचआईवी/एड्स जैसी बीमारियों से लड़ाई शारीरिक से ज्यादा मानसिक और सामाजिक है। उन्होंने कहा, “यह बीमारी सिर्फ एक मेडिकल कंडीशन नहीं है, इसके साथ जुड़े कलंक और भेदभाव इसे और भी खतरनाक बना देते हैं। सबसे पहली और सबसे जरूरी बात है अपने एचआईवी स्टेटस के बारे में जानना। जागरूकता ही एकमात्र हथियार है जो न केवल आपको बचा सकती है बल्कि इस बीमारी की श्रृंखला को तोड़ने में भी मदद कर सकती है।” उन्होंने समाज में फैली भ्रांतियों, जैसे कि एचआईवी सकारात्मक व्यक्ति के साथ सामान्य संपर्क से संक्रमण फैलना, का पुरजोर खंडन किया।

एचआईवी/एड्स के बारे में वो जरूरी बातें जो हर युवा को पता होनी चाहिए

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद्र गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण और अक्सर अनदेखी की जाने वाली बात की ओर ध्यान खींचा। उन्होंने विस्तार से समझाया, “यह एक घातक भ्रम है कि एचआईवी से ग्रस्त व्यक्ति को देखकर पहचाना जा सकता है। संक्रमण के बाद भी व्यक्ति बिना किसी लक्षण के कई वर्षों तक पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकता है। इस दौरान, अगर वह जागरूक नहीं है, तो अनजाने में ही यह संक्रमण दूसरों तक पहुंच सकता है। यह संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने, एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल और एक गर्भवती मां से उसके नवजात शिशु में फैल सकता है।”

स्वत: को जानें, भय को दूर भगाएं: निःशुल्क परीक्षण है उपलब्ध

डॉ. गुप्ता ने युवाओं को आश्वस्त किया और जानकारी दी कि जनपद में कहाँ और कैसे निःशुल्क और गोपनीय जांच कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय के साथ-साथ खतौली, जानसठ और बुढाना में स्थित परामर्श एवं परीक्षण केंद्र (ICTC) पर कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर के अपना एचआईवी टेस्ट करा सकता है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क और गोपनीय है।

शिक्षा के मंदिर से उठती आवाज: प्रधानाचार्य का आह्वान

कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री सुभाष ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यपुस्तक की शिक्षा का केंद्र नहीं हैं। “यहाँ जीवन के मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की शिक्षा भी दी जाती है। एड्स जैसी वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए हमारे युवाओं का जागरूक, अनुशासित और संयमित होना अत्यंत आवश्यक है। आज का यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सराहनीय कदम है।”

युवा प्रतिभा का जलवा: रेड रिबन क्विज में दिखी जबरदस्त उत्सुकता

कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा था रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता, जिसमें कॉलेज के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपने ज्ञान का परिचय दिया। इनमें से 50 चुने हुए प्रतिभागियों ने क्विज में हिस्सा लिया। प्रतिस्पर्धा में जहाँ ज्ञान की बात हुई, वहीं विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।

शिवांश ठाकुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹1500 का पुरस्कार अपने नाम किया। अमन धीमान द्वितीय स्थान पर रहे और ₹1200 पुरस्कार स्वरूप प्राप्त किए। गुड्डन ने तीसरा स्थान हासिल कर ₹1000 जीते। इसके अलावा, सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साहवर्धन के लिए प्रमाण-पत्र और जलपान प्रदान किया गया।

सामूहिक प्रयास की सफलता: एक जिम्मेदार पहल

इस ऐतिहासिक जागरूकता अभियान की सफलता में कई लोगों का योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. मुजीबुर्रहमान, डॉ. गीतांजली वर्मा, अमित दिशा कलस्टर, टीबी विभाग से सहबान, अतुल भारद्वाज, रूचिर, अभिषेक, संजीव शर्मा के साथ-साथ विद्यालय की शिक्षिकाएं श्रीमती ममता, श्रीमती पूनम और समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा। उनके बिना इस कार्यक्रम का आयोजन संभव नहीं था।

यह खबर एक जनसेवा और सामाजिक जागरूकता का हिस्सा है। एचआईवी/एड्स कोई कलंक नहीं बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है, और इसके बारे में खुलकर बात करना और नियमित जांच कराना ही इसपर विजय पाने की दिशा में पहला कदम है। यदि आपके मन में इस विषय से जुड़ा कोई सवाल है या आप निःशुल्क एवं गोपनीय जांच कराना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी ICTC केंद्र पर संपर्क करने में संकोच न करें। अपनी सुरक्षा अपनी जिम्मेदारी है।

 

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