लंदन में Virat Kohli ने पास किया फिटनेस टेस्ट, रोहित शर्मा और बुमराह भी फिट; BCCI के फैसले पर उठे सवाल
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ Virat Kohli ने लंदन में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अधिकारियों की देखरेख में फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। उन्होंने BCCI से विशेष अनुमति लेकर इंग्लैंड में ही टेस्ट देने का निर्णय लिया था। यह टेस्ट बीसीसीआई के फिजियोथेरेपिस्ट और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच की निगरानी में संपन्न हुआ।
रोहित शर्मा और बुमराह भी फिट घोषित
विराट से पहले वनडे कप्तान रोहित शर्मा ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में यो-यो और ब्रोंको टेस्ट पास किए। 38 साल की उम्र में भी रोहित की फिटनेस को देखकर कोचिंग स्टाफ बेहद संतुष्ट है।
इसी टेस्ट कैंप में जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, वॉशिंगटन सुंदर और शार्दूल ठाकुर ने भी फिटनेस टेस्ट पास किया।
विराट कोहली के लंदन टेस्ट पर सवाल
हालांकि विराट का बेंगलुरु की बजाय लंदन में फिटनेस टेस्ट देना क्रिकेट सर्कल में चर्चा का विषय बना हुआ है। टीम इंडिया के बाकी खिलाड़ी 29 अगस्त को बेंगलुरु के CoE में मौजूद थे, जबकि विराट ने इंग्लैंड में रहकर टेस्ट देने की अनुमति ली।
कई पूर्व खिलाड़ियों और फैन्स का कहना है कि सभी खिलाड़ियों को समान नियमों के तहत टेस्ट देना चाहिए। वहीं BCCI का तर्क है कि चूंकि विराट इस समय अपने परिवार के साथ लंदन में रह रहे हैं और वहीं अभ्यास भी कर रहे हैं, इसलिए उन्हें छूट दी गई।
विराट की क्रिकेट जर्नी का नया अध्याय
विराट कोहली ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
2024 T-20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद उन्होंने रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा के साथ टी-20 फॉर्मेट से भी संन्यास लिया।
अब विराट केवल वनडे क्रिकेट खेलते हैं और अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीज में उनकी वापसी तय मानी जा रही है।
सितंबर में दूसरा चरण
BCCI ने सितंबर में फिटनेस टेस्ट का दूसरा चरण निर्धारित किया है। इस दौर में के.एल. राहुल, रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और नीतीश रेड्डी जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस परखी जाएगी।
टीम इंडिया की फिटनेस पॉलिसी क्यों अहम?
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए फिटनेस टेस्ट अब सिर्फ औपचारिकता नहीं रह गए हैं।
यो-यो टेस्ट और ब्रोंको टेस्ट खिलाड़ियों की सहनशक्ति और स्टैमिना का स्तर मापने में अहम माने जाते हैं।
पिछले कुछ सालों में कई खिलाड़ी चोटिल होकर लंबे समय तक बाहर रहे हैं, इसलिए BCCI ने फिटनेस पर समझौता न करने का रुख अपनाया है।
विराट, रोहित और बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ियों का फिट रहना एशिया कप और आगे के वर्ल्ड कप अभियान के लिए टीम इंडिया के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
फैन्स की उम्मीदें
विराट कोहली की फिटनेस को लेकर फैन्स हमेशा संवेदनशील रहते हैं। इंग्लैंड में टेस्ट पास करने की खबर से उनके चाहने वालों को राहत जरूर मिली है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या वे ऑस्ट्रेलिया सीरीज में अपने पुराने अंदाज़ में दिखेंगे और टीम को जीत दिलाएंगे।

