कीव में रूस का अब तक का सबसे बड़ा हमला: पीएम ऑफिस सहित सरकारी इमारत जलकर खाक, चार की मौत – Ukraine-रूस जंग नए मोड़ पर🔥
रविवार देर रात रूस ने Ukraine की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई और ड्रोन हमला किया। इस हमले में यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्वायरडेंको का दफ्तर और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें भी प्रभावित हुईं। विस्फोट के बाद वहां भीषण आग लग गई, जिसे काबू करने में घंटों लग गए।
दमकलकर्मियों और हेलिकॉप्टर की मदद से आग बुझाई गई, लेकिन तब तक भवन का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि चार लोग मारे गए, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
805 ड्रोन और 17 मिसाइलें: रूस का अब तक का सबसे बड़ा अटैक
यूक्रेनी वायुसेना ने जानकारी दी कि रूस ने एक ही दिन में 805 ईरान निर्मित शाहेद ड्रोन, 17 क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
9 मिसाइलें और 56 ड्रोन सीधे 37 लोकेशनों पर गिरे।
कई स्थानों पर इनके टुकड़े गिरने से 8 जगहों पर आग लगी।
यह युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा ड्रोन हमला माना जा रहा है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि उनके निशाने पर यूक्रेनी सैन्य-औद्योगिक परिसर और परिवहन ढांचा था। रूस का दावा है कि इन हमलों से हथियारों के गोदाम और सप्लाई नेटवर्क को नुकसान पहुंचाया गया।
जेलेंस्की का आरोप: “जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहा रूस”
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा –
“जब असली कूटनीति बहुत पहले शुरू हो सकती थी, तब इस तरह की हत्याएं यह साबित करती हैं कि रूस युद्ध को लंबा खींचना चाहता है। यह एक सुनियोजित अपराध है।”
जेलेंस्की ने कहा कि हमलों से जापोरिज्जिया, क्रीवी री, ओडेसा, सुमी और चेर्निहीव जैसे शहर प्रभावित हुए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे तुरंत आगे आकर रूस पर दबाव डालें।
यूक्रेन का पलटवार: रूस की दुझबा पाइपलाइन पर ड्रोन अटैक
हमले के तुरंत बाद यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई की और रूस की दुझबा ऑयल पाइपलाइन को निशाना बनाया। यह पाइपलाइन रूस से हंगरी और स्लोवाकिया को तेल सप्लाई करती है।
यूक्रेन के ड्रोन हमले से पाइपलाइन के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हुए।
रूस की कई रिफाइनरियों पर भी विस्फोट की खबर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेनी हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 17% घट गया है।
ट्रम्प का बयान: यूरोपीय नेता अमेरिका में जुटेंगे
हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सोमवार और मंगलवार को यूरोपीय देशों के नेता अमेरिका पहुंचेंगे और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करेंगे।
ट्रम्प ने यह भी जोड़ा कि वह जल्द ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत करेंगे। ट्रम्प ने दावा किया कि वे इस युद्ध को खत्म करने के लिए “गंभीर मध्यस्थता” करने को तैयार हैं।
यूक्रेनी पीएम का बयान: “जानें वापस नहीं आ सकतीं”
हमले के बाद यूक्रेनी पीएम यूलिया स्वायरडेंको ने कहा –
“हम इमारतों का पुनर्निर्माण कर सकते हैं, लेकिन खोई हुई जानें कभी वापस नहीं आ सकतीं। हमें और हथियार चाहिए, ताकि रूस को जवाब दिया जा सके।”
कीव के मेयर वियाटली क्लित्स्को ने जानकारी दी कि डर्नित्सकी जिले में एक चार मंजिला इमारत पर हमला हुआ, जहां से एक शिशु का शव बरामद किया गया।
2022 से जारी है युद्ध की जंग
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया।
रूस अब तक यूक्रेन की 20% जमीन पर कब्जा कर चुका है।
इस युद्ध में अब तक हजारों नागरिक और सैनिक मारे गए हैं।
करीब 8 मिलियन यूक्रेनी लोग देश छोड़कर भाग चुके हैं।
अलास्का मुलाकात के बाद तनाव और बढ़ा
15 अगस्त को अलास्का में हुई ट्रम्प-पुतिन मुलाकात के बाद युद्ध और तेज हो गया।
यूक्रेन ने रूस की रिफाइनरियों पर हमले बढ़ा दिए।
नोवोशाख्तिन्स्क रिफाइनरी में भारी विस्फोट हुआ।
रूस ने जवाब में यूक्रेनी राजधानी के कैबिनेट भवन और पीएम ऑफिस को निशाना बनाया।
विश्लेषकों का मानना है कि अलास्का मीटिंग से युद्ध खत्म होने की उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन हकीकत इसके उलट निकली।
पुतिन का रुख: कब्जा छोड़े बिना बातचीत नहीं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साफ कर चुके हैं कि यूक्रेन से शांति वार्ता तभी होगी जब यूक्रेन रूस के कब्जाए गए क्रीमिया, डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया जैसे क्षेत्रों से दावा छोड़े।
पुतिन इन इलाकों को “सामरिक और ऐतिहासिक धरोहर” मानते हैं और इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं।
जेलेंस्की की मांग: “बिना शर्त युद्धविराम हो”
18 अगस्त को व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान जेलेंस्की ने ट्रम्प से कहा –
“यूक्रेन की एक इंच जमीन भी रूस को नहीं दी जाएगी।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल बिना शर्त युद्धविराम ही यूक्रेन के लिए स्वीकार्य है।

