Russia Ukraine War: क्या कुर्स्क में सच में यूक्रेनी सेना ने आत्मसमर्पण किया? वायरल वीडियो की सच्चाई आई सामने!
Russia Ukraine War को लेकर आए दिन सोशल मीडिया पर नए-नए दावे सामने आते हैं। हाल ही में एक 30 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सैन्य वर्दी में कुछ लोग हाथ उठाकर चलते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कुर्स्क क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूक्रेनी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। लेकिन क्या यह दावा सच है, या फिर यह भी एक और फर्जी खबर है?
वायरल पोस्ट में क्या है दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) और फेसबुक पर इस वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स ने लिखा कि “कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सैनिकों ने भारी संख्या में रूस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उम्मीद है कि उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाएगा और युद्ध खत्म होने के बाद वे अपने परिवारों के पास लौट सकेंगे।”
कुछ पोस्ट में यह भी लिखा गया, “ज़ेलेंस्की की सेना कुर्स्क, रूस में बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण कर रही है!” इस दावे ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी, और लोग इस वीडियो को सच मानकर धड़ाधड़ शेयर करने लगे।
लेकिन जब इस वायरल वीडियो की पड़ताल की गई, तो जो सच्चाई सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली थी।
क्या सच में हुआ है कुर्स्क में आत्मसमर्पण? पीटीआई फैक्ट चेक में हुआ बड़ा खुलासा!
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क ने इस वायरल दावे की पड़ताल की और पाया कि यह वीडियो नया नहीं, बल्कि पुराना है। जांच में यह सामने आया कि यह वीडियो असल में 2022 में मारियुपोल में यूक्रेनी मरीन के आत्मसमर्पण का है और इसका कुर्स्क क्षेत्र में जारी संघर्ष से कोई संबंध नहीं है।
कैसे हुई पड़ताल?
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया गया।
इस सर्च के दौरान हमें 7 अप्रैल 2022 को प्रकाशित एक यूट्यूब वीडियो मिला, जिसे “Serge Antoine” नामक चैनल ने अपलोड किया था।
इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा था कि डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DPR) की सेना ने मारियुपोल के लेवोबरेझिए और औद्योगिक क्षेत्र में एक विशेष अभियान के दौरान 268 यूक्रेनी मरीन को बंदी बना लिया था।
रिपोर्ट में कहा गया था कि सैनिकों ने जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण किया था और कीव सरकार तथा राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की नीतियों की आलोचना की थी।
रूसी मीडिया रिपोर्ट भी इस दावे को झूठा साबित करती है
हमारी पड़ताल में रूसी मीडिया आउटलेट की एक रिपोर्ट भी मिली, जो 5 अप्रैल 2022 को प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि वीडियो में दिखाई दे रहे सैनिक 503वें स्वतंत्र मरीन बटालियन के सदस्य हैं, जिन्होंने 2022 में मारियुपोल में आत्मसमर्पण किया था।
क्यों फैलाई जा रही हैं इस तरह की फर्जी खबरें?
रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी फर्जी खबरें सोशल मीडिया पर लगातार फैल रही हैं। इस तरह की खबरों के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं:
युद्ध-प्रोपेगेंडा: दोनों देश एक-दूसरे की छवि खराब करने के लिए गलत जानकारियां फैला सकते हैं।
ट्रेंडिंग न्यूज से फायदा उठाना: कई लोग सनसनीखेज खबरें फैलाकर ज्यादा व्यूज और लाइक्स पाने की कोशिश करते हैं।
राजनीतिक मकसद: युद्ध को लेकर वैश्विक राजनीति में दखल देने के लिए इस तरह की खबरों का इस्तेमाल किया जाता है।
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज से कैसे बचें?
अगर आप भी किसी खबर को देखकर उसे बिना जांचे-परखे शेयर कर देते हैं, तो सावधान हो जाइए! इस तरह की अफवाहें न सिर्फ लोगों को गुमराह करती हैं, बल्कि कई बार इससे देश और समाज में तनाव भी बढ़ सकता है।
✅ तथ्य-जांच (Fact Check) करें: किसी भी खबर को आंख बंद करके न मानें। गूगल रिवर्स इमेज सर्च या प्रतिष्ठित न्यूज आउटलेट्स की रिपोर्ट देखें।
✅ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: सिर्फ सरकार, सेना, और प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों की खबरों को ही प्राथमिकता दें।
✅ फॉरवर्ड करने से पहले सोचें: किसी भी वीडियो, फोटो, या टेक्स्ट को शेयर करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
📢 हमारी अपील: अफवाहों से बचें और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें!

