कोहरे का असर: Railway ने रद्द कीं 5 बड़ी ट्रेनें, 8 के फेरे घटे — यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, मरम्मत कार्य भी शुरू
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही भारतीय Railway ने एक बड़ा कदम उठाया है। 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक कोहरे की संभावना को देखते हुए रेलवे ने 5 प्रमुख ट्रेनों को निरस्त करने और 8 ट्रेनों के फेरे घटाने का फैसला किया है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, घने कोहरे में ट्रेन संचालन सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है — दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
रेलवे का बयान — “सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है”
सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि कोहरे के मौसम में ट्रेन ड्राइवरों की दृश्यता घट जाती है, जिससे सिग्नल ओवरशूट या दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
“हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च है। इसी कारण कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है और कुछ के फेरे घटाए गए हैं।”
रेलवे इस अवधि में ट्रैक की मरम्मत और ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम के कार्य को भी पूरा करेगा ताकि अगले वित्तीय वर्ष में गाजियाबाद-मुरादाबाद-रोजा रेलखंड पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सके।
इन ट्रेनों को किया गया रद्द
1 दिसंबर से 28 फरवरी के बीच ये ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी:
15903-04 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस
15621-22 कामख्या-आनंदविहार-कामख्या एक्सप्रेस
12583-84 लखनऊ-आनंदविहार डबल डेकर एक्सप्रेस
15057-58 गोरखपुर-आनंदविहार-गोरखपुर एक्सप्रेस
15059-60 लालकुआं-आनंदविहार-लालकुआं एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के रद्द होने से पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी।
इन ट्रेनों के घटाए गए फेरे
रेलवे ने कोहरे के सीजन में कुछ ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी घटाने का भी फैसला किया है। इनमें शामिल हैं —
12523-24 न्यू जलपाईगुड़ी-आनंदविहार एक्सप्रेस
15909-10 अवध असम एक्सप्रेस
15119-20 जनता एक्सप्रेस
15035-36 काठगोदाम-दिल्ली-काठगोदाम एक्सप्रेस
15127-28 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस
25035-36 रामनगर-मुरादाबाद-रामनगर एक्सप्रेस
15074-73 टनकपुर-सिंगरौली-टनकपुर एक्सप्रेस
15076-75 टनकपुर-शक्तिनगर-टनकपुर एक्सप्रेस
रेलवे ने बताया कि इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम होने से परिचालन आसान रहेगा और हादसों की संभावना घटेगी।
मुरादाबाद-अयोध्या रूट पर बढ़ी हलचल
इन ट्रेनों के अलावा, मुरादाबाद से अयोध्या के बीच चलने वाली 12 नियमित ट्रेनों और तीन स्पेशल ट्रेनों में भी इन दिनों भारी भीड़ देखी जा रही है।
क्योंकि इस साल रामलला संग भव्य दिवाली मनाने के लिए मुरादाबाद से लगभग 5000 लोगों ने टिकट बुक कराए हैं।
मुरादाबाद से अयोध्या की भीड़भाड़ वाली ट्रेनें
इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट अब काफी लंबी हो चुकी है। दिवाली से पहले टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है।
13010 दून एक्सप्रेस
13152 सियालदह एक्सप्रेस
14650 सरयू यमुना एक्सप्रेस
15623 कामख्या एक्सप्रेस
14018 रक्सौल सद्भावना एक्सप्रेस
22490 वंदेभारत एक्सप्रेस
14206 अयोध्या एक्सप्रेस
15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस
18104 जलियांवाला बाग एक्सप्रेस
15116 लोकनायक एक्सप्रेस
13308 गंगा सतलुज एक्सप्रेस
15934 न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस
इनमें से कई ट्रेनें अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट स्टेशन दोनों पर रुकती हैं।
दिवाली पर अयोध्या जाने वालों की रिकॉर्ड बुकिंग
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग दोनों पर 17 से 20 अक्टूबर के बीच रिकॉर्ड बुकिंग हुई है।
ज्यादातर यात्रियों ने शुक्रवार देर रात या शनिवार सुबह की ट्रेनें चुनीं ताकि वे वीकेंड में अयोध्या में सरयू स्नान, दर्शन और दीपोत्सव का हिस्सा बन सकें।
रेल प्रशासन के मुताबिक,
“पिछले दो वर्षों में दिवाली पर अयोध्या जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। इस बार भी आंकड़ा रिकॉर्ड तोड़ है।”
वंदेभारत एक्सप्रेस ने बढ़ाई सुविधा
मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस का विस्तार अब अयोध्या तक हो गया है।
इससे यात्रियों को बेहद सहूलियत मिली है, लेकिन इस रूट पर वंदेभारत की सभी सीटें अब फुल बुक हैं।
ट्रेन में बिज़नेस क्लास तक के टिकटों पर लंबी वेटिंग है।
रेलवे का कहना — “कोहरा चुनौती, लेकिन मौका भी”
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सीजन केवल कोहरे की मुश्किल नहीं बल्कि मेंटेनेंस का सुनहरा मौका भी है।
ट्रैक की रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिक लाइन सर्विसिंग और सिग्नल अपग्रेडेशन का काम इसी दौरान पूरा किया जाएगा।
इससे मार्च के बाद रेलवे नेटवर्क और मजबूत बनकर उभरेगा।
यात्रियों के लिए सलाह
यात्रा से पहले रेलवे ऐप या वेबसाइट पर ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें।
रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेटेड ट्रेनों की सूची रोज़ाना अपडेट होती है।
वैकल्पिक ट्रेनें या स्पेशल ट्रेन बुकिंग पहले से कराएं ताकि अंतिम समय पर परेशानी न हो।
घने कोहरे का असर इस बार भी भारतीय रेल पर दिखने लगा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गए ये फैसले भले ही अस्थायी असुविधा दें, लेकिन लंबे समय में यह रेलवे संचालन को और सुरक्षित और तेज़ बनाएंगे। आने वाले महीनों में जब ट्रैक मरम्मत और सिग्नलिंग का काम पूरा होगा, तब यात्रियों को एक अधिक विश्वसनीय और कुशल रेल सेवा मिलेगी — और यही भारतीय रेल की असली दिशा है: “सुरक्षा के साथ सुविधा।”

