Rampur आतंकी जांच में नया मोड़: गुजरात में पकड़े गए फैजान के इंस्टाग्राम नेटवर्क की पड़ताल, यूपी एटीएस करेगी दोबारा पूछताछ
News-Desk
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breaking news, Gujarat ATS, national security, police action, rampur, Rampur news, Social Media Probe, Terror Investigation, UP ATSRampur terror suspect Faizan मामले में सुरक्षा एजेंसियों की जांच अब नए और संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। गुजरात में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी फैजान से जुड़े संपर्कों, सोशल मीडिया नेटवर्क और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहन पड़ताल की जा रही है। रामपुर से लेकर नवसारी और अहमदाबाद तक, इस मामले की कड़ियां अब कई राज्यों में फैली हुई हैं।
🔴 स्पेशल ब्रांच की रामपुर में दस्तक, परिवार से पूछताछ
बृहस्पतिवार को स्पेशल ब्रांच की टीम रामपुर पहुंची और फैजान के परिजनों से लंबी बातचीत की। टीम ने उसके पिछले आठ वर्षों की गतिविधियों, संपर्कों और नौकरी से जुड़े विवरणों के बारे में जानकारी जुटाई।
अधिकारियों के अनुसार, परिवार से यह जानने की कोशिश की गई कि फैजान किन लोगों के संपर्क में था, उसकी दिनचर्या कैसी थी और क्या हाल के महीनों में उसके व्यवहार में कोई बदलाव नजर आया था। यह पूछताछ सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि अक्सर शुरुआती सुराग घर और नजदीकी रिश्तों से ही मिलते हैं।
🔴 यूपी एटीएस की गुजरात यात्रा की तैयारी
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एटीएस की एक टीम इसी सप्ताह गुजरात जाकर फैजान से दोबारा पूछताछ करेगी। यह पूछताछ गुजरात एटीएस के साथ समन्वय में की जाएगी, ताकि अब तक सामने आए सुरागों और सबूतों को आपस में साझा किया जा सके।
यूपी एटीएस का फोकस इस बात पर रहेगा कि फैजान के उत्तर प्रदेश में किन-किन लोगों से संपर्क थे और क्या कोई स्थानीय नेटवर्क सक्रिय था।
🔴 इंस्टाग्राम नेटवर्क पर खुफिया नजर
रामपुर पुलिस और खुफिया विभाग की टीम फैजान के इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े दोस्तों और फॉलोअर्स की कुंडली खंगाल रही है। सोशल मीडिया के जरिए किन लोगों से उसका संपर्क था, किनसे नियमित बातचीत होती थी और क्या कोई संदिग्ध मैसेज या पोस्ट साझा किए गए थे—इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग को फैजान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच की दिशा तय की जा रही है।
🔴 दो दोस्तों से घंटों पूछताछ, स्थानीय संपर्कों पर फोकस
बृहस्पतिवार को टीम ने फैजान के दो स्थानीय दोस्तों से कई घंटे पूछताछ की। उनसे उसके विचारों, गतिविधियों और हालिया व्यवहार के बारे में जानकारी ली गई।
एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि जांच लगातार जारी है और जैसे ही गुजरात एटीएस की ओर से कोई नई जानकारी मांगी जाएगी, उसे तुरंत साझा किया जाएगा।
🔴 गुजरात एटीएस की कार्रवाई: गिरफ्तारी और आरोप
गुजरात एटीएस ने फैजान को नवसारी से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान का बदला लेने के लिए उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की साजिश रच रहा था।
पुलिस के अनुसार, फैजान के पास से एक पिस्टल, कारतूस और जैश-ए-मोहम्मद तथा अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों के समर्थन से जुड़ा साहित्य बरामद किया गया है। इन बरामदगियों के बाद मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय बन गया।
🔴 रामपुर में एटीएस का डेरा, घर तक पहुंची जांच
गिरफ्तारी के बाद गुजरात एटीएस की टीम दो दिन तक रामपुर में डेरा डाले रही। टीम ने फैजान के घर जाकर उसके परिवार के सदस्यों से बातचीत की और स्थानीय पुलिस से भी जानकारी साझा की।
बुधवार को स्थानीय पुलिस ने भी फैजान के पिता से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका।
🔴 पिता अहमदाबाद पहुंचे, कानूनी पैरवी की तैयारी
फैजान के पिता शकील अहमद बेटे से मिलने और उसकी कानूनी पैरवी के लिए अहमदाबाद पहुंचे। उनके साथ नगर पंचायत अध्यक्ष खालिद अली भी गए हैं।
बताया गया है कि शकील अहमद आर्थिक तंगी के कारण चार दिन तक अहमदाबाद नहीं जा सके थे। बुधवार रात फैजान से फोन पर बातचीत के बाद वे तुरंत यात्रा पर निकल पड़े।
🔴 नवसारी में काम करता था फैजान
जानकारी के अनुसार, फैजान पिछले आठ वर्षों से नवसारी में कोट-पैंट की सिलाई के एक कारखाने में काम कर रहा था। इसी दौरान उसके संपर्क और गतिविधियों पर अब जांच एजेंसियों की नजर गई है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके संपर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित थे या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े थे।
🔴 रिमांड पर फैजान, पूछताछ जारी
फैजान फिलहाल रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके पास से बरामद हथियार और साहित्य कहां से आए, और क्या उसके पीछे कोई संगठन या सहयोगी सक्रिय थे।
🔴 राष्ट्रीय सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
Rampur terror suspect Faizan केस ने एक बार फिर सोशल मीडिया, स्थानीय नेटवर्क और कट्टरपंथी साहित्य की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय बेहद जरूरी है।
🔴 प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और जांच एजेंसियों को अपना काम करने दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को देने का अनुरोध किया गया है।
🔴 आगे की जांच: कई राज्यों में फैल सकता है दायरा
सूत्रों का कहना है कि यदि इंस्टाग्राम नेटवर्क और डिजिटल रिकॉर्ड में नए सुराग मिलते हैं, तो जांच का दायरा उत्तर प्रदेश और गुजरात के अलावा अन्य राज्यों तक भी बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में यूपी एटीएस और गुजरात एटीएस की संयुक्त कार्रवाई इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।

