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मुजफ्फरनग का 30 साल लंबा सत्याग्रह: Master Vijay Singh का धरना बना दुनिया का सबसे लंबा आंदोलन

Master Vijay Singh 30 year protest ने मुजफ्फरनगर को देश-दुनिया के आंदोलन मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाई है। भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ 26 फरवरी 1996 को शुरू हुआ यह सत्याग्रह आज 30 वर्ष पूरे कर चुका है। दावा किया जा रहा है कि यह धरना अब दुनिया का सबसे लंबा सतत धरना बन गया है।


🔴 1996 से शुरू हुआ संघर्ष, 30 साल का पड़ाव

Muzaffarnagar longest dharna की शुरुआत ग्राम चैसाना की लगभग चार हजार बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग के साथ हुई थी। अनुमानित रूप से इस भूमि की कीमत करीब 900 करोड़ रुपये बताई जाती है।

इसके साथ ही शामली और मुजफ्फरनगर क्षेत्र की करीब छह लाख बीघा भूमि को भी कथित अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग आंदोलन का हिस्सा रही है।

26 फरवरी 1996 को जिलाधिकारी कार्यालय पर सत्याग्रह शुरू हुआ था, जो अब शिव चौक पर निरंतर जारी है।


🔴 रिकॉर्ड बुक में दर्ज होने का दावा

Master Vijay Singh 30 year protest को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, मीरा सेल्स ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और यूनिक रिकॉर्ड ऑफ द वर्ल्ड्स में दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।

दावा है कि यह धरना 24 घंटे, गर्मी-सर्दी-बरसात हर मौसम में लगातार जारी है और महात्मा गांधी के सत्याग्रह से प्रेरित है।


🔴 राष्ट्रीय स्तर पर मिलने की तैयारी

मास्टर विजय सिंह अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा है कि वे महामहिम राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, राज्यपाल समेत अन्य उच्च पदाधिकारियों से दिल्ली और लखनऊ में मिलकर घोटाले प्रकरण में कार्रवाई की मांग करेंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि स्वयं जांच रिपोर्ट की समीक्षा करें और यदि वे गलत पाए जाएं तो कठोर दंड दें।


🔴 विश्व के अन्य लंबे आंदोलनों से तुलना

दुनिया के लंबे धरनों की बात करें तो अमेरिका में विलियम थॉमस ने परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को लेकर 3 जून 1981 से 5 अगस्त 2008 तक व्हाइट हाउस के सामने धरना दिया था, जो लगभग 27 साल चला। 2009 में बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी।

भारत में मणिपुर की इरोम शर्मिला ने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के विरोध में 16 वर्षों तक भूख हड़ताल की थी, जिसे दुनिया के सबसे लंबे अनशन में गिना जाता है।

इन उदाहरणों के बीच Master Vijay Singh 30 year protest अब 30 वर्ष पार कर सबसे लंबे सतत धरने के रूप में सामने आ रहा है।


🔴 सत्याग्रह की निरंतरता और प्रतीकात्मकता

Muzaffarnagar longest dharna केवल एक प्रशासनिक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रतीक बन गया है लंबे संघर्ष, धैर्य और सत्याग्रह की परंपरा का।

शिव चौक पर बैठा यह आंदोलन स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय विमर्श में जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।


तीन दशकों से जारी यह धरना प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा में है। मास्टर विजय सिंह का दावा है कि जब तक भूमि से अवैध कब्जे नहीं हटते और कथित घोटाले पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। अब यह देखना होगा कि 30 साल के इस आंदोलन पर शासन-प्रशासन किस तरह प्रतिक्रिया देता है।

 

Anchal Agarwal (Advocate)

Anchal Agarwal कानूनी मामलों पर परामर्श देती हैं और एक वरिष्ठ सिविल वकील और कानून की प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने जिला सिविल बार एसोसिएशन के सचिव (पुस्तकालय) के रूप में निर्वाचित होकर अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है।उनके मार्गदर्शन में, कई छात्र और युवा वकील अपने करियर में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। उनकी विद्वता और अनुभव कानूनी समुदाय में बहुत सम्मानित हैं, और उनकी नेतृत्व क्षमता और कानूनी मामलों में उनकी गहरी समझ ने उन्हें एक प्रतिष्ठित कानूनी पेशेवर के रूप में मान्यता दिलाई है।

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