Muzaffarnagar में क्रांतिसेना का सदस्यता अभियान तेज, डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने थामा संगठन का दामन
Muzaffarnagar में क्रांतिसेना द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान के तहत संगठन को बड़ा समर्थन मिला है। संगठन की हिंदुत्ववादी नीतियों और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रियता से प्रभावित होकर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने क्रांतिसेना की सदस्यता ग्रहण की।
संगठन के पदाधिकारियों ने नए सदस्यों का भगवा पटका पहनाकर स्वागत किया और उन्हें संगठन की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम के दौरान संगठन को मजबूत करने और अधिक लोगों को जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
ललित मोहन शर्मा और शरद कपूर की मौजूदगी में हुआ सदस्यता कार्यक्रम
सदस्यता कार्यक्रम में क्रांतिसेना के संस्थापक अध्यक्ष Lalit Mohan Sharma, मंडल अध्यक्ष Sharad Kapoor और जिला अध्यक्ष Mukesh Tyagi प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इस दौरान अर्चक पुरोहित संघ के प्रदेश अध्यक्ष Brij Bihari Atri, धीरेंद्र शुक्ला और अन्य लोगों को संगठन की सदस्यता दिलाई गई।
कार्यक्रम में शामिल नए सदस्यों ने संगठन के झंडे तले एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प भी लिया।
‘हिंदुत्व के साथ महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी आवाज उठाती है क्रांतिसेना’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Lalit Mohan Sharma ने कहा कि क्रांतिसेना ऐसा संगठन है जो केवल हिंदुत्व की बात नहीं करता, बल्कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई जैसे जनहित के मुद्दों पर भी मुखर होकर आवाज उठाता है।
उन्होंने कहा कि संगठन लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है और आम लोगों की समस्याओं को उठाने का कार्य कर रहा है।
संगठन पदाधिकारियों ने नए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और मोहल्लों तक संगठन की नीतियों को पहुंचाने की अपील की।
प्रधानमंत्री की अपील पर भी उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ईंधन बचाने, सोना कम खरीदने और बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने जैसी अपीलों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जब बड़े सरकारी काफिलों में कई वाहन चलते हैं और लगातार विदेश यात्राएं होती हैं, तब आम लोगों को केवल बचत की सलाह देना उचित नहीं लगता। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच भी चर्चा होती दिखाई दी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देशहित के मुद्दों पर जनता को जागरूक करना जरूरी है, लेकिन नीतियों और व्यवहार में समानता भी होनी चाहिए।
‘लोकतंत्र में संख्या ही ताकत होती है’
Lalit Mohan Sharma ने संगठन से जुड़े नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संख्या का विशेष महत्व होता है।
उन्होंने सभी नए कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ें और आगामी समय में संगठन की ताकत बढ़ाने का काम करें।
संगठन ने आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाने के संकेत भी दिए हैं।
इन लोगों ने ग्रहण की संगठन की सदस्यता
सदस्यता ग्रहण करने वालों में Brij Bihari Atri, धीरेंद्र शुक्ला, शिवकुमार दुबे, रूद्रमणि पांडे, विष्णु दुबे, मथुरेश शर्मा, अरुण ठाकुर, नीरज उर्फ कल्लू शर्मा, कृष्णपाल सिंह, प्रवीण सैनी, सोनू सैनी, प्रदीप धीमान, सुमित कुमार और आर्यन कश्यप सहित कई लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मंगतराम सोनकर, संजीव वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, महानगर अध्यक्ष Devendra Chauhan, उज्ज्वल पंडित, अभिषेक शर्मा, राजेंद्र तायल और शैलेंद्र विश्वकर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने किया, जबकि अध्यक्षता संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने की।
क्षेत्रीय राजनीति में छोटे संगठनों की बढ़ती सक्रियता
विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्षेत्रीय और वैचारिक संगठनों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। विभिन्न संगठन सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर सदस्यता अभियान और जनसंपर्क कार्यक्रम चला रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की बढ़ती गतिविधियां आने वाले समय में स्थानीय राजनीति के समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।

