“सपा से निष्कासित MLA Pooja Pal का बड़ा खुलासा: पति की हत्या, अतीक माफिया और योगी की तारीफ से मची सियासी हलचल”
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में अगर कोई नाम है तो वह है कौशांबी चायल विधानसभा की MLA Pooja Pal. समाजवादी पार्टी से उनके निष्कासन के बाद से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भूचाल मचा हुआ है। सियासी हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सपा ने एक महिला विधायक की आवाज को इसलिए दबा दिया क्योंकि उसने अपने पति के हत्यारे को “माफिया” कहने की हिम्मत दिखाई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर दी?
पूजा पाल का बड़ा बयान: दो कारणों से सपा ने निकाला
विधायक पूजा पाल ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से बाहर निकालने के पीछे दो बड़े कारण हैं।
पहला – विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुले मंच से तारीफ करना, और दूसरा – अपने पति राजू पाल के हत्यारे और बाहुबली माफिया अतीक अहमद को माफिया कहना।
उनके अनुसार सपा नेतृत्व को यह दोनों बातें नागवार गुजरीं और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “अखिलेश यादव को यह मंजूर नहीं था कि मैं अपने पति के कातिल अतीक को माफिया कहूं या योगी सरकार की कानून व्यवस्था की सराहना करूं।”
पति राजू पाल की हत्या और 9 दिन में विधवा हुई पूजा
पूजा पाल ने बेहद भावुक लहजे में कहा कि 2005 में उनके पति राजू पाल को जनता ने अतीक अहमद के आतंक के खिलाफ चुनकर विधानसभा भेजा था। लेकिन विधायक बनने के मात्र तीन महीने बाद ही अतीक अहमद ने सरेआम उनकी हत्या कर दी।
शादी के केवल 9 दिन बाद ही पूजा पाल विधवा हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीक को समाजवादी पार्टी और सत्ता का सीधा संरक्षण प्राप्त था। यही कारण था कि वह “गाजर-मूली की तरह” हत्याएं करवाता था और कानून उसके सामने बौना साबित होता था।
अतीक का आतंक और पूजा का संघर्ष
पूजा पाल ने खुलासा किया कि अतीक अहमद ने उन्हें डराने, धमकाने और यहां तक कि खरीदने की भी कोशिश की। उनके नजदीकी रिश्तेदारों और भाई तक को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया गया।
लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा –
“मैंने कसम खाई थी कि अतीक के आतंक को मिट्टी में मिलाकर रहूंगी। चाहे मेरी जान चली जाए, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगी।”
योगी की तारीफ से क्यों भड़के अखिलेश?
पूजा पाल ने कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीक अहमद को “मिट्टी में मिलाने” की बात कही थी, तो उन्होंने उसका स्वागत किया।
उनके अनुसार –
“कौन सी पत्नी अपने पति के हत्यारे की मौत पर दुखी होगी? मैंने सिर्फ इतना कहा कि योगी जो कहते हैं, वो करते हैं। उन्होंने कानून व्यवस्था में अभूतपूर्व काम किया है।”
उनका कहना है कि इसी बयान के बाद अखिलेश यादव और सपा नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया।
सपा का दोहरा चेहरा?
पूजा पाल ने सपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कभी अपराधियों की पैरवी करती है, तो कभी पीड़ितों का साथ दिखावे के लिए करती है।
“अखिलेश यादव कभी उमेश पाल की हत्या पर सवाल उठाते हैं, तो कभी अतीक के लोगों के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हैं। यह दोहरा चरित्र साफ नजर आता है।”
“PDA की बेटी हूं, इसलिए निकाला गया”
पूजा पाल ने कहा कि अखिलेश यादव का PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) का नारा केवल दिखावा है।
“मुझे इसलिए बाहर किया गया क्योंकि मैं PDA समाज की बेटी हूं और अतीक जैसे माफिया के खिलाफ मजबूती से खड़ी रही।”
“भाजपा से कोई बातचीत नहीं, बस संघर्ष जारी”
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक भाजपा या सरकार के किसी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं की है।
हालांकि उन्होंने सदन में मुख्यमंत्री की तारीफ जरूर की, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह भाजपा में शामिल हो रही हैं।
“मेरी लड़ाई सत्ता या पद की नहीं, बल्कि न्याय की है। मुझे टिकट, मंत्री पद या पद की कभी चाह नहीं रही। मुझे सिर्फ अपने समाज के लिए लड़ना है।”
भविष्य की राजनीति और जनता का साथ
पूजा पाल का कहना है कि उनके निष्कासन के बाद हजारों लोग उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं और समर्थन जता रहे हैं।
जनता चाहती है कि वह अतीक जैसे माफियाओं के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहें।
उन्होंने कहा –
“मैं आज भी वही पूजा हूं, जिसने अपने पति के कातिल के खिलाफ कसम खाई थी। मेरा संघर्ष जारी रहेगा, चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो।”

