Moradabad- पत्नी की मौत का सदमा नहीं सह पाए रिटायर्ड सीओ, लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर दी जान
News-Desk
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Crime News Hindi, Licensed Rifle Case, Moradabad News, up news, आत्महत्या मामला, छजलैट थाना, परिवारिक सदमा, पुलिस विभाग, मानसिक तनाव, मुरादाबाद समाचार, रिटायर्ड सीओMoradabad जिले के छजलैट थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त सीओ लखपत सिंह का शव उनके घर में खून से लथपथ हालत में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घर के भीतर हुई इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि करीब छह माह पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहे थे।
ठोड़ी के पास मारी गोली, बेड पर मिला शव
जानकारी के अनुसार छजलैट क्षेत्र के रमपुरा गांव निवासी लखपत सिंह सोमवार रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए चले गए थे। वह घर की ऊपरी मंजिल पर अकेले रहते थे, जबकि नीचे उनके बड़े बेटे का परिवार रहता है।
परिवार के लोगों के मुताबिक लखपत सिंह रोज सुबह करीब चार बजे उठ जाया करते थे, लेकिन मंगलवार सुबह काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद परिवार के सदस्य ऊपर पहुंचे तो कमरे का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।
सेवानिवृत्त सीओ बेड पर खून से लथपथ पड़े थे और उनकी लाइसेंसी राइफल उनके सीने पर रखी हुई थी। गोली उनके ठोड़ी के पास लगी थी। परिवार के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पत्नी की मौत के बाद से थे मानसिक तनाव में
परिवार और पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब छह माह पहले लखपत सिंह की पत्नी विद्या देवी का निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद से वह काफी अकेलापन और मानसिक तनाव महसूस कर रहे थे।
करीबी लोगों का कहना है कि पत्नी के निधन के बाद उनका स्वभाव पहले से ज्यादा शांत और उदास रहने लगा था। वह अक्सर गुमसुम रहते थे और परिवार के लोगों से भी कम बातचीत करते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
1995 में सीओ पद से हुए थे सेवानिवृत्त
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि लखपत सिंह वर्ष 1995 में पुलिस विभाग से सीओ पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा निवृत्ति के बाद वह अपने पैतृक गांव रमपुरा में रह रहे थे।
गांव में उनकी पहचान एक अनुशासित और सम्मानित व्यक्ति के रूप में थी। लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहने के कारण क्षेत्र में लोग उन्हें आदर की नजर से देखते थे।
उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे।
परिवार में शोक का माहौल
लखपत सिंह के परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं। उनकी दो बेटियों की शादी मेरठ और एक की हरिद्वार में हुई है।
बड़े बेटे सतवीर सिंह निजी टेलीकॉम कंपनी में मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और परिवार के साथ गांव में ही रहते हैं। छोटे बेटे जगवीर सिंह पीडब्ल्यूडी से इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और बाहर रहते हैं।
घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। रिश्तेदारों और परिचितों का लगातार घर पहुंचना जारी रहा।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने किया मौके का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद छजलैट थानाध्यक्ष रमेश सहरावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे की स्थिति, हथियार और अन्य साक्ष्यों की जांच की। पुलिस ने राइफल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार मौके की परिस्थितियां आत्महत्या की ओर इशारा कर रही हैं। बेटे द्वारा भी पुलिस को लिखित में आत्महत्या की जानकारी दी गई है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों में बढ़ते अकेलेपन और मानसिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनसाथी की मृत्यु के बाद कई बुजुर्ग गहरे मानसिक अवसाद और अकेलेपन का सामना करते हैं।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार परिवार और समाज को ऐसे लोगों के प्रति ज्यादा संवेदनशील रहने की जरूरत है। भावनात्मक सहयोग और नियमित संवाद मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर सहयोग बेहद जरूरी है।
गांव में पसरा मातम, लोगों ने जताया दुख
रमपुरा गांव में घटना के बाद से मातम का माहौल बना हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि लखपत सिंह शांत स्वभाव और सम्मानित व्यक्तित्व के व्यक्ति थे।
कई ग्रामीणों ने कहा कि पत्नी के निधन के बाद वह पहले जैसे नहीं रहे थे। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं।
पुलिस कर रही है कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस परिवार के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

