Muzaffarnagar में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, 17 तैयार हथियार और फैक्ट्री का जखीरा बरामद
Muzaffarnagar में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने शहर के भीतर संचालित हो रही एक अवैध शस्त्र निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो अन्य को कॉम्बिंग के दौरान दबोच लिया गया।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार, अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस की सक्रियता की चर्चा पूरे जिले में होने लगी।
संधावली कट के पास खंडहर में चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के अनुसार थाना सिविल लाइन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संधावली कट के पास स्थित एक बंद पड़ी फैक्ट्री के खंडहरनुमा कमरे में कुछ लोग अवैध असलाह बनाने का काम कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब खंडहर के पास पहुंचकर निगरानी की तो अंदर से रोशनी और हथियार बनाने जैसी आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने शुरू कर दी फायरिंग
पुलिस जैसे ही कमरे के करीब पहुंची, अंदर मौजूद एक व्यक्ति ने पुलिस को देखकर शोर मचा दिया। इसके बाद चारों बदमाशों ने कमरे की आड़ लेकर पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी से कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस टीम बाल-बाल बच गई। पुलिस अधिकारियों ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश लगातार फायरिंग करते रहे।
इसके बाद पुलिस टीम ने साहस का परिचय देते हुए जवाबी कार्रवाई की। आत्मरक्षा में की गई नियंत्रित फायरिंग में दो बदमाश घायल हो गए।
मुठभेड़ में दो घायल, दो अन्य कॉम्बिंग में गिरफ्तार
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए बदमाशों की पहचान शमीम उर्फ सोनू और विशाल के रूप में हुई है। वहीं अदनान और मुर्सलीन को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया।
घायल बदमाशों को पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस अब इन आरोपियों के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
17 तैयार हथियार, अधबने तमंचे और उपकरण बरामद
पुलिस ने मौके से कुल 15 तैयार तमंचे, 2 पिस्टल, 4 अधबने तमंचे, कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक स्कूटी भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल आरोपी आने-जाने में करते थे।
बरामद हथियारों को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार अलग-अलग जिलों में सप्लाई किए जाने वाले थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में हथियार बरामद होना इस बात का संकेत है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित हो सकता है।
गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो अवैध हथियारों का निर्माण और सप्लाई करता है। आरोपी सुनसान स्थानों पर अस्थायी फैक्ट्री लगाकर तमंचे और पिस्टल तैयार करते थे।
उन्होंने पुलिस को बताया कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे। मांग के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में हथियारों की सप्लाई की जाती थी और इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि घटना वाले दिन भी वे अवैध हथियार तैयार कर रहे थे, तभी पुलिस ने छापा मार दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार और घायल किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- शमीम उर्फ सोनू पुत्र मेहरदीन निवासी सोन्टा थाना बाबरी जिला शामली, हाल निवासी सुभाषनगर नई मंडी मुजफ्फरनगर (घायल)
- विशाल पुत्र बबलू निवासी खुब्बापुर थाना मंसूरपुर मुजफ्फरनगर (घायल)
- अदनान पुत्र मन्साद निवासी ग्राम हुसैनपुर बोपाड़ा थाना मंसूरपुर
- मुर्सलीन पुत्र शफीक निवासी सुभाषनगर थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर
पुलिस अब इन सभी के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य जिलों में इनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
मुजफ्फरनगर में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान
मुजफ्फरनगर पुलिस पिछले कुछ समय से अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। जिले में अवैध हथियार, गैंगस्टर और संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कानून व्यवस्था विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों की फैक्ट्रियां कई बड़े अपराधों की जड़ होती हैं। ऐसे में इन फैक्ट्रियों पर कार्रवाई अपराध नियंत्रण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पुलिस टीम को SSP ने दिया 25 हजार रुपये का इनाम
इस सराहनीय कार्रवाई के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना सिविल लाइन पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध हथियारों का बढ़ता नेटवर्क बना चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों का नेटवर्क लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। छोटे-छोटे अवैध कारखानों में तैयार हथियार कई बार बड़े अपराधों में इस्तेमाल होते हैं।
कानून व्यवस्था से जुड़े जानकारों के मुताबिक ग्रामीण और सुनसान इलाकों में ऐसी फैक्ट्रियां चलाना अपराधियों के लिए आसान होता है, क्योंकि वहां निगरानी कम रहती है। ऐसे में खुफिया सूचना और लगातार पुलिस कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है।

