बकरीद के बाद दफन की गई 30 पशुओं की खालें गायब! गड्ढा खुदवाकर चोरी से बेचने का आरोप, kishanpur गांव Muzaffarnagar में मचा हड़कंप












Muzaffarnagar भोपा थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ईद-उल-जुहा (बकरीद) के मौके पर कुर्बानी के बाद दफन की गई पशुओं की खालों को कथित रूप से गड्ढे से निकालकर बेचने का आरोप लगा है। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है और पीड़ित पक्ष ने इसे विश्वास और सामाजिक मर्यादाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच अभी भी जारी है।
कुर्बानी के बाद गड्ढे में दफन की गई थीं खालें और अवशेष
जानकारी के अनुसार भोपा थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी एक ग्रामीण ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि ईद-उल-जुहा के अवसर पर उनके परिवार द्वारा पशुओं की कुर्बानी दी गई थी।
कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 30 पशुओं की खालें और अन्य अवशेष एक निजी प्लॉट में खुदवाए गए गड्ढे में दफना दिए गए थे। परिवार का कहना है कि यह कार्य धार्मिक परंपराओं और स्थानीय व्यवस्था के अनुरूप किया गया था।
कुछ दिनों बाद जब उन्हें जानकारी मिली कि गड्ढे को दोबारा खोदा गया है, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गांव के ही लोगों पर लगाया खाल निकालकर बेचने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गांव के ही पिता-पुत्र और एक अन्य व्यक्ति ने कथित रूप से गड्ढे को दोबारा खुलवाया और उसमें दफन की गई पशुओं की खालों को बाहर निकलवा लिया।
आरोप है कि लगभग 30 पशुओं की खालें निकालने के बाद उन्हें बेच दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घटना की जानकारी मिलने पर परिवार और आसपास के लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों के अनुसार मामला केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक और धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। इसी कारण घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चर्चा का माहौल बन गया।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग
घटना का पता चलने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से संपर्क किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायत में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बिना अनुमति गड्ढा खोदकर दफन सामग्री को निकालना और उसे बेच देना गंभीर अपराध है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच भी चर्चा होती रही और कई लोगों ने घटना पर आश्चर्य जताया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दो आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शनिवार को कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
तीसरे आरोपी की भूमिका और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गांव में चर्चा का विषय बनी घटना
किशनपुर गांव में यह मामला लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक विश्वास को प्रभावित करती हैं और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों में कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत होता है। वहीं कई ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धार्मिक अवसरों पर व्यवस्थाओं को लेकर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक अवसरों पर पशु अवशेषों और अन्य सामग्री के सुरक्षित निस्तारण को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि ऐसी सामग्री के निस्तारण और निगरानी को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होना जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार का विवाद या आपराधिक घटना सामने न आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामुदायिक सहयोग और प्रशासनिक सतर्कता के माध्यम से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है।
पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि मामले में न्याय मिलेगा, जबकि ग्रामीण भी पुलिस जांच के अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।









